कौशिक नाग – कोलकाता 10 लाख की इनामी महिला नक्सली ने कोलकाता में किया सरेंडर, झारखंड-ओडिशा सीमा पर थी सक्रिय झारखंड-ओडिशा की सीमा पर सक्रिय 10 लाख की महिला इनामी नक्सली ने कोलकाता में सरेंडर कर दिया है. महिला माओवादी ने बुधवार को कोलकाता पुलिस के समक्ष एक हथियार और 46 कारतूस जमा किये. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने बताया कि महिला माओवादी का नाम शकुंतला महतो है. उसने लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया. उसके पुनर्वास और कानूनी औपचारिकताएं सरकार की नीति के अनुसार पूरी की जायेंगी. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सरेंडर करने वाली शकुंतला भाकपा (माओवादी) की जोनल कमेटी की सदस्य थी. वर्षों तक कई माओवादी गढ़ों में सक्रिय रही. उसका आत्मसमर्पण नक्सल आंदोलन के घटते प्रभाव को दर्शाता है. पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले के बेलपहाड़ी की रहने वाली शकुंतला महतो वर्ष 2001 में माओवादी संगठन में शामिल हुई थी. इन वर्षों के दौरान वह बंगाल, झारखंड और ओडिशा सीमा क्षेत्र में सक्रिय रही. पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में वह माओवादी गतिविधियों से जुड़ी रही. आत्मसमर्पण करने के बाद नंद के बगल में बैठी शकुंतला महतो ने कहा- मैंने इस उम्मीद के साथ आत्मसमर्पण किया कि सरकार मुझे आवास और अपने परिवार के साथ रहने का अवसर देगी, जैसा कि वादा किया गया है. महतो ने उन माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने का आग्रह किया, जो अब भी भूमिगत रूप से सक्रिय हैं. उन्होंने कहा- मैं अपने संगठन में उन लोगों से कहना चाहूंगी कि जो लोग अब भी समाज से अलग-थलग हैं, वे मुख्यधारा में लौट आयें. सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है. हथियार छोड़कर विकास के मार्ग पर चलना सभी के लिए अच्छा होगा. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महतो कई माओवादी गतिविधियों की साजिश रचने में शामिल थी. लंबे समय से झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के प्रमुख चेहरों में से एक मानी जाती रही है. अधिकारियों ने बताया कि यह महिला नक्सली बेलपहाड़ी, दलमा, घाटशिला, पारसनाथ, बुंडू-तमाड़ और सारंडा समेत कई माओवादी गढ़ों में सक्रिय रही. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कई माओवादियों को या तो गिरफ्तार किया गया या उन्हें मार गिराया गया. कई नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है. हम उम्मीद करते हैं कि संगठन के और अधिक सदस्य हिंसा की राह छोड़कर सामान्य जीवन में लौट आयेंगे.