सोनभद्र: गुरु अर्जुन देव जी के शहादत दिवस पर सिख समाज ने लगाया छबील, बांटा शर्बत और चना
“सत्य, सेवा और बलिदान ” के प्रतीक गुरु अर्जुन देव जी के शहादत दिवस के अवसर पर सिक्खों में शीतल जल, चना और शर्बत का किया विवरण
जिला ब्यूरो चीफ शिशिर शर्मा ( सोनभद्र )
अनपरा सोनभद्र। अनपरा परिक्षेत्र के नेहरू चौक औरीमोड़ के पास सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देव की शहादत दिवस के उपलक्ष्य में शीतल जल, चना और मीठे शर्बत का वितरण किया गया।15 अप्रैल 1563 में हुआ सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव सिख इतिहास के पहले शाहिद थे उनका स्वर्ण मंदिर के निर्माण में अतुल्य योगदान दिया इनका जन्म पंजाब गोदावल साहेब में चौथे गुरु रामदास के घर में हुआ उनका बलिदान हमें अन्याय के खिलाफ डटे रहने सत्य और शांति के मार्ग अनुसरण करने की प्रेरणा देता है इस दिन जगह-जगह गुरुद्वारों में विशेष प्रार्थना होती है कीर्तन किए जाते हैं और राहगीरों को ठंडा मीठा पानी चना और शर्बत पिलाकर उनकी सेवा की जाती है गुरु अर्जन देव ने अपना धर्म नहीं बदला तो जहांगीर ने उन्हें मौत की सजा दी भीषण गर्मी में उन्हें उबलते पानी में बिठाया गया सर पर जलती हुई रेट डाली गई अंत में तपते हुए लोहे के तवे पर बैठकर यातनाएं दी गई कष्ट को सहते हुए उन्होंने सत्य और धर्म के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया आज ऑडी मोड में सिख समाज द्वारा छबील लगाकर मीठा पानी और चने का प्रसाद वितरण किया गया इसमें विशेष रूप से सिख समाज के लोगों का अन्य जाति लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया राहगीरों को रोककर हाथ जोड़कर ठंडे पानी की सेवा की गई इसमें केवल सिंह दारा सिंह मोनू सिंह इंद्रजीत सिंह विक्रम सिंह रविजीत कंग अन्य लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।