नाबालिग किशोरी रोशनी छेत्री की मौत से उठे कई सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
गुवाहाटी: जमुगुड़ी क्षेत्र की 17 वर्षीय नाबालिग रोशनी छेत्री की मृत्यु ने पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना केवल एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रश्न भी खड़े करती है।
यदि रोशनी छेत्री के साथ कथित रूप से हुई घटनाओं के आरोप सत्य साबित होते हैं, तो यह एक अत्यंत गंभीर और जघन्य अपराध माना जाएगा। ऐसे में मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
हर नाबालिग को सुरक्षा, उचित स्वास्थ्य सेवाएं और न्याय प्राप्त करने का अधिकार भारतीय संविधान और कानून द्वारा सुनिश्चित किया गया है। इसलिए इस मामले के प्रत्येक पहलू की गहन जांच होना आवश्यक है। साथ ही पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता और न्याय दिलाना सरकार तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अपराध के मामले में चुप्पी समाधान नहीं होती। समाज, प्रशासन, मीडिया और जागरूक नागरिकों को मिलकर सत्य को सामने लाने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना चाहिए। न्याय केवल पीड़ित परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि समाज में कानून के शासन और लोगों के विश्वास को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि रोशनी छेत्री की मृत्यु की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सच्चाई सार्वजनिक की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार कठोर दंड दिया जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय और हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
JAGAT SHARMAH
ASSAM
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