इंडियन टीवी न्यूज़
सुशील चौहान
अरी पंचायत में बेलगाम हुआ भ्रष्टाचार!CM हेल्पलाइन को भी ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार,मानसून से पहले सहमे ग्रामीण
सिवनी:मानसून ने प्रदेश में दस्तक दे दी है और झमाझम बारिश का दौर कभी भी शुरू हो सकता है।लेकिन सिवनी जिले की अरी ग्राम पंचायत में जमीनी हकीकत डराने वाली है। पंचायत के मुखिया (सरपंच)वंदना बोपचे और सचिव महेश कुमार गौतम के कथित’हिटलरशाही’रवैये और प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज पूरी पंचायत संकट के मुहाने पर खड़ी है।मानसून सिर पर है,लेकिन गांव के नाले और पानी निकासी के मुख्य रास्ते (मोंघे) पूरी तरह चोक पड़े हैं।
♦️कागजों पर सफाई,जमीन पर जाम व्यवस्था
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मानसून पूर्व होने वाली नालियों और मोंघों की सफाई केवल कागजों तक ही सीमित रही है।नालियां कचरे और कीचड़ से पटी पड़ी हैं।अगर तेज बारिश होती है तो गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुसना तय है।ग्रामीणों ने जब इस संबंध में पंचायत प्रबंधन से बात करने की कोशिश की तो उन्हें सुधार के बजाय कथित तौर पर तानाशाही रवैये और उदासीनता का सामना करना पड़ा।
♦️CM हेल्पलाइन को ठेंगा बेअसर साबित हो रहे सरकारी तंत्र
हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन(CM Helpline)पर भी शिकायतें दर्ज कराईं।लेकिन अरी पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों पर इसका भी कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि:ऐसा लगता है कि सरपंच और सचिव के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो वरिष्ठ अधिकारियों का डर है और न ही मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों का।शिकायतों को ताक पर रखकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
♦️ग्रामीणों का बड़ा सवाल
क्या सचिव महेश कुमार गौतम सिर्फ फर्जी बिल निकालकर सरकारी राशि का ग़बन करने के लिए बैठे है, या उनका काम जनहित के कार्यों को पूरा करना भी है?
♦️भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ी जनता
गांव में यह चर्चा आम है कि नालियों की सफाई और रखरखाव के नाम पर आने वाली राशि का बंदरबांट किया जा रहा है।प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि आने वाली आपदा को देखकर भी जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं।ग्रामीणों में इस हिटलर राज और भ्रष्टाचार को लेकर भारी आक्रोश है।
अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारी अरी पंचायत के इस तानाशाही रवैये पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर ग्रामीणों को इस मानसून में गंदे पानी और प्रशासनिक लापरवाही के सैलाब में डूबने के लिए छोड़ दिया जाएगा।