किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बिजली शुल्क में वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन करते हुए बिजली कार्यालयों का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस का कहना है कि बढ़ी हुई बिजली दरें आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेंगी
पार्टी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था और नए टैरिफ के माध्यम से सरकार जनता से अधिक वसूली कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुतले फूंके गए और बिजली दर वृद्धि वापस लेने की मांग की गई।
भाजपा का जवाब
भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन को “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया।
पार्टी का कहना है कि नए टैरिफ का प्रभाव अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर सीमित रहेगा और केवल कुछ श्रेणियों में ही आंशिक वृद्धि हुई है।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और सेवाओं में सुधार के लिए यह संशोधन आवश्यक है।
जनता के लिए अहम मुद्दा
बिजली दरों में बढ़ोतरी का असर घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर अलग-अलग हो सकता है। वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि उपभोक्ता किस श्रेणी में है और उसकी मासिक बिजली खपत कितनी है।
फिलहाल इस मुद्दे पर प्रदेश में सियासी आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और विपक्ष सरकार से बिजली दर वृद्धि वापस लेने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार इसे नियामकीय प्रक्रिया के तहत लिया गया निर्णय बता रही है।