रिपोर्टर: दिनेश श्रीवास्तव
स्थान: गोंडा, उत्तर प्रदेश
प्लेटफॉर्मों पर नियमों की अनदेखी का आरोप
पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा जंक्शन पर प्लेटफॉर्मों पर अवैध वेंडरों की सक्रियता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि रेलवे के नियमों की अनदेखी करते हुए बड़ी संख्या में बाहरी वेंडर खुलेआम खान-पान का सामान, पानी की बोतलें और कोल्ड ड्रिंक बेच रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि इससे न केवल प्लेटफॉर्म पर अव्यवस्था बढ़ रही है, बल्कि उनकी सुरक्षा और सुविधा भी प्रभावित हो रही है।
लाइसेंस व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
जानकारी के अनुसार खान-पान की बिक्री के लिए अधिकृत ठेलों पर निर्धारित संख्या से कहीं अधिक लोगों द्वारा सामान बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि एक लाइसेंस पर कई लोगों को बिक्री का कार्य कराया जा रहा है। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही ये वेंडर तेजी से डिब्बों में चढ़ जाते हैं, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार भीड़भाड़ के कारण बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ सफर कर रहे यात्रियों को विशेष कठिनाई होती है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी चिंता
यात्रियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ वेंडर बिना मानक प्रमाणन वाले कोल्ड ड्रिंक, सामान्य गुणवत्ता का पानी और अन्य खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि पानी की बोतलें निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह यात्रियों के आर्थिक हितों के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय भी हो सकता है।
खुले में रखे खाद्य पदार्थों से संक्रमण का खतरा
प्लेटफॉर्मों पर बिकने वाले कई खाद्य पदार्थ खुले में रखे जाने की शिकायत भी सामने आई है। आरोप है कि कई स्टॉलों और ठेलों पर खाद्य सामग्री को ढककर नहीं रखा जाता, जिससे उस पर धूल और मक्खियां बैठने की आशंका बनी रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की लापरवाही संक्रमण और खाद्य जनित बीमारियों का कारण बन सकती है। यात्रियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
रेलवे दिशानिर्देशों के पालन की मांग
कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि खान-पान की सामग्री रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं परोसी जा रही है। उनका कहना है कि रेलवे द्वारा तय गुणवत्ता और मेन्यू का पालन कराया जाना आवश्यक है ताकि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
गोंडा जंक्शन पर रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी और सुरक्षा बल तैनात रहते हैं। इसके बावजूद यदि अवैध वेंडरों की संख्या लगातार बढ़ रही है तो निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। यात्रियों का मानना है कि नियमित जांच अभियान चलाकर केवल अधिकृत विक्रेताओं को ही बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए।
रेलवे प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि प्लेटफॉर्मों पर संचालित खान-पान सेवाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन, अवैध वेंडिंग, अधिक कीमत वसूली या खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही यात्रियों को निर्धारित मूल्य पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निष्कर्ष
गोंडा जंक्शन पर अवैध वेंडरों और खाद्य गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोप रेलवे प्रशासन के लिए गंभीर विषय हैं। यदि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं तो यात्रियों को बेहतर सुविधा, सुरक्षित खाद्य सामग्री और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। फिलहाल इन आरोपों पर रेलवे प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।