आंवला तहसील क्षेत्र के नितोई गांव निवासी अमरपाल ने गलत विरासत दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए एसडीएम से शिकायत की है। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।अमरपाल ने एसडीएम को बताया कि उसकी नानी गोमती ने उसे छह माह की उम्र में गोद लिया था। तब से वह अपनी नानी की चल-अचल संपत्ति की देखभाल कर रहा था। गोमती ने अमरपाल को अपनी संपत्ति का हकदार बनाया था।गोमती ने अपनी संपत्ति में से 10 बिस्वा जमीन 12 लाख रुपये में काशीराम निवासी नथा गोटिया मजरा रामपुर बुजुर्ग को 6 जून 2020 को बेची थी और बैनामा भी लिखवा दिया था। 12 लाख रुपये मिलने के बाद गोमती ने अपने खेत में मंदिर बनवाया, मूर्ति स्थापित की, भंडारा किया और बैंक का 5,32,000 रुपये का ऋण भी चुकाया था।गोमती की मृत्यु 13 मई 2026 को तेज आंधी-तूफान के कारण सिर पर लकड़ी गिरने से हो गई थी। मृत्यु के बाद सभी आवश्यक कार्य किए गए, लेकिन बीमारी के कारण वह 10 बिस्वा जमीन का बैनामा काशीराम के नाम नहीं करवा पाई थीं।अमरपाल का आरोप है कि उसकी मौसी ने हल्का लेखपाल और कानूनगो से मिलकर गलत तरीके से विरासत दर्ज करा ली है। पीड़ित ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आंवला की एसडीएम विदुषी सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
प्रवीन कुमार सक्सेना तहसील रिपोर्टर आंवला बरेली