किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एसडीजी राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0 और मेटाडेटा हैंडबुक का भी लोकार्पण किया गया। साथ ही बस्तर संभाग के समावेशी, अभिसरण आधारित और मापनीय विकास के लिए तैयार की गई अभिनव पहल ‘बस्तर अंजोर’ की भी शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक डेटा और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय और योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विकास योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि उनके वास्तविक प्रभाव को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। एसडीजी 2.0 के माध्यम से विकास की प्रगति को अधिक पारदर्शी, मापनीय और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘बस्तर अंजोर’ जैसी पहल बस्तर संभाग के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा देगी। इससे क्षेत्र में विकास योजनाओं के बेहतर समन्वय, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और जमीनी स्तर पर परिणामों की स्पष्ट निगरानी संभव हो सकेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि यह पहलें विकसित छत्तीसगढ़ @2047 के विजन को नई गति देने के साथ-साथ शासन व्यवस्था को अधिक परिणाममुखी और जनकेंद्रित बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।