बलिया उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के बलिया आगमन पर शुक्रवार को राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और “संजय निषाद वापस जाओ” तथा “बलिया से माफी मांगो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मंत्री ने अपने पिछले बलिया दौरे के दौरान जिले और यहां के पूर्वजों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे जनभावनाएं आहत हुई हैं।प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। इस दौरान डाक बंगले के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।विरोध के बीच मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा, “बलिया किसी के पिता की जागीर नहीं है। यह हमारी भी धरती है। मैं पहले भी बलिया आता रहा हूं, आज भी आया हूं और आगे भी आता रहूंगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या पूरे बलिया जनपद का अपमान करना नहीं था।मंत्री ने अपने पूर्व बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा बलिया को क्रांतिकारियों की धरती बताया है। उनके अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम में निषाद समाज सहित अनेक जातियों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल उन लोगों को गद्दार कहा था जिन्होंने अंग्रेजों का साथ दिया था, न कि बलिया के सम्मानित नागरिकों को। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को राजनीतिक कारणों से गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।कैबिनेट मंत्री के बयान और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीति में बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है।
संवाददाता: किशन जायसवाल, बलिया