राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।। जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान अब सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान बनता जा रहा है। कलेक्टर आशीष तिवारी की पहल पर जिले के अधिकारी, कर्मचारी और विभिन्न विभाग टीबी मरीजों के लिए ‘निक्षय मित्र’ बनकर आगे आए हैं। मरीजों को दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार और सामाजिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई केवल दवाइयों के भरोसे नहीं जीती जा सकती। मरीजों को बेहतर पोषण और समाज का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ कटनी जिले में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को नई दिशा मिली है। कलेक्टर आशीष तिवारी स्वयं 10 टीबी मरीजों के निक्षय मित्र बने हैं और उनके लिए पोषणयुक्त फूड बास्केट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उठाई है।
कलेक्टर की इस पहल का असर अब पूरे जिले में दिखाई देने लगा है। नागरिक आपूर्ति निगम के 38 अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहयोग राशि एकत्र कर 36 टीबी मरीजों का निक्षय मित्र के रूप में पंजीयन कराया है। वहीं पंजीयन विभाग ने भी 42 हजार रुपये का योगदान दिया है। उप संचालक पशुपालन डॉ. नीता मनोचा ने पांच मरीजों के पोषण आहार की जिम्मेदारी अपने स्तर पर संभाली है।
कटनी नगर और ग्रामीण तहसील प्रशासन ने भी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए 40 टीबी मरीजों के लिए 48 हजार रुपये की सहायता राशि रोगी कल्याण समिति में जमा कराई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि उपचार के दौरान किसी भी मरीज को पोषण की कमी का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में कटनी-कन्हवारा में 136, विजयराघवगढ़ में 114, बहोरीबंद में 91, उमरियापान में 79, रीठी में 51 और बड़वारा में 40 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं। ‘निक्षय मित्र’ योजना के तहत प्रत्येक मरीज को दो माह के लिए 1200 रुपये की पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उपचार के दौरान पौष्टिक आहार सुनिश्चित हो सके।
कटनी में शुरू हुई यह पहल अब संवेदनशील प्रशासन और जनसहभागिता की मिसाल बन चुकी है। प्रशासन का मानना है कि टीबी के खिलाफ जंग तभी जीती जा सकती है, जब पूरा समाज मरीजों के साथ खड़ा हो। इसी सामूहिक प्रयास के साथ कटनी टीबी मुक्त जिले की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।