बरेली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही फरीदपुर की सियासत में नई ऊर्जा का संचार हो गया है। क्षेत्र के पांच बार विधायक रहे, गरीबों के मसीहा और समाजवादी आंदोलन के प्रखर स्तंभ *स्वर्गीय डॉ. सियाराम सागर* की सातवीं पुण्यतिथि सिर्फ श्रद्धांजलि का कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह फरीदपुर की जनता के विश्वास और सागर परिवार के जनाधार के शक्ति प्रदर्शन का मंच बन गई।कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की गरिमामयी उपस्थिति ने सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी।
श्रद्धा और संकल्प का संगम
प्रदेश अध्यक्ष ने डॉ. सियाराम सागर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात उन्होंने डॉ. साहब की धर्मपत्नी और सागर परिवार की अगुआ *कल्पना सागर* से आत्मीय भेंट की और उन्हें जनसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रदेश अध्यक्ष और कल्पना सागर के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की जनता में उत्साह और उम्मीद दोनों दिखाई दिए।
कल्पना सागर ने कहा
“डॉ. सियाराम सागर जी ने अपना पूरा जीवन फरीदपुर की मिट्टी और यहां के लोगों के नाम कर दिया था। मैंने उनके आदर्शों को अपने जीवन का संकल्प बनाया है। आज भी फरीदपुर के हर गांव, हर गली में उनकी यादें और उनके विकास कार्य जीवित हैं। हम सब मिलकर उनकी जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। फरीदपुर का मान, सम्मान और स्वाभिमान ही हमारी प्राथमिकता है।”
जनसैलाब ने दिया संदेश
कार्यक्रम में उमड़ा अपार जनसमूह और कार्यकर्ताओं का जोश इस बात का प्रमाण है कि सागर परिवार आज भी फरीदपुर की धड़कन है। लोगों की आंखों में डॉ. साहब के लिए श्रद्धा थी और कल्पना जी के लिए भरोसा।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले फरीदपुर की राजनीति की दिशा तय करने वाला एक निर्णायक पड़ाव साबित होगा।
प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी से बढ़ी अटकलें
मंच से प्रदेश अध्यक्ष ने डॉ. सियाराम सागर के संघर्ष, ईमानदारी और जनसेवा को याद करते हुए कहा कि ऐसे नेता सदियों में पैदा होते हैं। कार्यक्रम के उपरांत कल्पना सागर से उनकी भेंट ने समर्थकों में नई ऊर्जा भर दी। हालांकि किसी प्रकार की औपचारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन इस उपस्थिति को 2027 की चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।यदि सागर परिवार इसी एकजुटता और जनसंपर्क के साथ आगे बढ़ता रहा, तो 2027 में फरीदपुर की सीट पर मुकाबला ऐतिहासिक और रोचक होने के पूरे आसार हैं। डॉ. सियाराम सागर की पुण्यतिथि ने यह स्पष्ट कर दिया कि फरीदपुर अब चुनावी मोड़ पर खड़ा है और जनता बदलाव के लिए तैयार है।