बिहार मोतिहारी से अमरजीत सिंह
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उज़्बेकिस्तान की एक महिला को रक्सौल स्थित मैत्री पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। महिला भारत से नेपाल जाने की कोशिश कर रही थी। जांच के दौरान उसके पास भारत में रहने का कोई वैध वीजा नहीं मिला। साथ ही उसके कब्जे से फर्जी भारतीय आधार कार्ड भी बरामद किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई 2026 की देर शाम सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने भारत-नेपाल सीमा स्थित रक्सौल मैत्री पुल के पास संदिग्ध गतिविधि के आधार पर महिला को रोका। पूछताछ में उसकी पहचान उज़्बेकिस्तान की नागरिक बोजोरोवा शकरजोंन (Bojorova Shakarjon) के रूप में हुई। उसकी जन्मतिथि 20 दिसंबर 1994 है तथा उसका पासपोर्ट संख्या FA0742942 अक्टूबर 2029 तक वैध है। हालांकि भारत में रहने के लिए उसके पास कोई वैध वीजा नहीं पाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि महिला पिछले करीब एक वर्ष से मुंबई में अपने एक तथाकथित भारतीय मित्र के साथ नाम और पहचान बदलकर अवैध रूप से रह रही थी। इसी दौरान उसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय आधार कार्ड भी बनवा लिया था। वह अब भारत से नेपाल जाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सीमा पर तैनात SSB के जवानों ने उसे पकड़ लिया।
पूछताछ के बाद SSB ने महिला को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
हरैया थाना प्रभारी किशन कुमार पासवान ने बताया कि SSB द्वारा पकड़ी गई विदेशी महिला को थाना को सौंपा गया है। प्रारंभिक जांच में उसके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध वीजा नहीं मिला है। उसके कब्जे से फर्जी भारतीय आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। पुलिस विदेशी नागरिकों से संबंधित प्रावधानों, पासपोर्ट एवं वीजा नियमों के तहत मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि महिला ने फर्जी पहचान कैसे बनाई, आधार कार्ड किसकी मदद से बनवाया और भारत में अवैध रूप से रहने में किन लोगों का सहयोग मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी उससे गहन पूछताछ कर रही हैं।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां महिला के भारत में अवैध रूप से रहने, उसके संपर्कों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क तथा नेपाल जाने के उद्देश्य की गहन जांच में जुटी हैं। मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीरता से लिया जा रहा है।