गुजरात के सूरत के रांदेर स्थित लाइफलाइन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल (अडाजण हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड) में हुए कथित वित्तीय कदाचार और शेयर ट्रांसफर घोटाले के मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। माननीय अदालत ने मामले के आरोपी और शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. रामचंद्र पटेल की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है।बचाव पक्ष ने अदालत में रखीं ये दलीलेंसुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के adv.सागर शुक्ला और adv.हर्ष विनय शुक्ला वकील ने डॉ. रामचंद्र पटेल के पक्ष में कई महत्वपूर्ण कानूनी और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए, निदेशक पद से पहले ही इस्तीफा वकीलों ने स्पष्ट किया कि डॉ. रामचंद्र पटेल ने नियमों के तहत घटना से काफी पहले ही कंपनी के निदेशक (Director) पद से अपना इस्तीफा दे दिया था। इस आधार पर, पूरे वित्तीय लेनदेन या धोखाधड़ी की कथित साजिश में उनकी कोई मुख्य भूमिका या संलिप्तता नहीं है।दस्तावेजी प्रमाण (SH-4 फॉर्म): अदालत को बताया गया कि एस.एच.-4 (SH-4) फॉर्म और अन्य संबंधित दस्तावेजों के अनुसार, डॉ. पटेल का इरादा हमेशा कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का ही था। उन पर लगाए गए आरोपों में उनकी कोई भी सक्रिय या आपराधिक भूमिका साबित नहीं होती है।जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन याचिकाकर्ता समाज के एक प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं। वे कानून का सम्मान करते हैं और इस मामले की हर कानूनी जांच में पुलिस व प्रशासन को पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे में उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ (Custodial Interrogation) करने की कोई आवश्यकता नहीं है।अदालत का फैसलामाननीय न्यायालय ने बचाव पक्ष के चारों अधिवक्ताओं की दलीलों, कानूनी व्याख्याओं और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न न्यायिक फैसलों (Judicial Precedents) को ध्यान में रखते हुए डॉ. रामचंद्र पटेल को अग्रिम जमानत देने का आदेश जारी किया। इस फैसले के बाद आरोपी डॉक्टर को बड़ी राहत मिली है।
ब्यूरो चीफ :सुमित शुक्ला