राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
ध्यानाकर्षण के दौरान विधायक लखन घनघोरिया ने पीपीपी मॉडल और अनुबंध पर उठाए सवाल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सरकार का पक्ष; जवाब पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
कटनी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर लंबे समय से चल रही बहस शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा तक पहुंच गई। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से कटनी में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर बन रहे मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाते हुए सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल किए।
विधायक घनघोरिया ने मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन से हुए अनुबंध पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इस संस्था अथवा इससे जुड़े मामलों में कभी एसटीएफ द्वारा कार्रवाई की गई है तथा क्या सरकार अनुबंध की समीक्षा या निरस्तीकरण पर विचार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कटनी की जनता लंबे समय से पूर्णतः शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग करती रही है और पीपीपी मॉडल को लेकर लोगों में असंतोष की स्थिति है।
इस पर उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान में कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा सरकार ने यह निर्णय वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखकर लिया है। मंत्री ने यह भी कहा कि निजी मेडिकल कॉलेजों से भी जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता है और सरकार के अनुसार पीपीपी मॉडल को लेकर जनसामान्य में किसी व्यापक रोष की जानकारी नहीं है।
विधानसभा में दिए गए इस जवाब पर कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे कटनी की जनता की अपेक्षाओं के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर समय-समय पर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों तथा छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा आंदोलन किए गए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी पूर्व में शासकीय मेडिकल कॉलेज का आश्वासन दिया था।
दिव्यांशु मिश्रा ने कहा कि सरकार के जवाब से स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनहित और छात्रहित से जुड़ा विषय मानते हुए आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात उठाती रहेगी।
हालांकि सरकार ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से मेडिकल कॉलेज निर्माण का कार्य नियमानुसार आगे बढ़ रहा है और वर्तमान में इसी परियोजना पर कार्य जारी है।