बारिपदा, 20/08: बारिपदा स्थित बयुनिका बिक्री केंद्र ‘मयूर शिल्प’ परिसर में ओआरएमएएस की ओर से ‘राखी स्टॉल–2026’ का उद्घाटन किया गया। मयूरभंज के अतिरिक्त जिलाधिकारी दुखबंधु नायक ने इस स्टॉल का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिलाधिकारी श्री नायक ने कहा कि मयूरभंज के स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित एवं पर्यावरण अनुकूल राखियों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिला कारीगरों की आजीविका और आय बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कारीगरी और महिलाओं के कौशल को बाजार से जोड़ने से उनकी आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
मयूरभंज सबाई कृषक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने जिले के स्वयं सहायता समूहों और उत्पादक समूहों के सदस्यों के सहयोग से इन राखियों को तैयार किया है। सबाई, डोकरा और बांस जैसी प्राकृतिक एवं स्थानीय सामग्रियों से तैयार ये राखियां मयूरभंज की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा, रचनात्मकता और स्थानीय संसाधनों के सुंदर समन्वय को दर्शाती हैं।
इस पहल के माध्यम से स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को बाजार से जोड़ने, बिक्री के अवसर बढ़ाने और महिला कारीगरों को अपने हुनर के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मयूरभंज की इन हस्तनिर्मित राखियों की मांग अब जिले की सीमाओं से बाहर भी बढ़ रही है। बालेश्वर, संबलपुर, खुर्दा और पुरी जिलों के ओआरएमएएस ने भी मयूरभंज ओआरएमएएस से इन राखियों का संग्रह किया है। इसे मयूरभंज के कारीगरों की उच्च गुणवत्ता वाली कारीगरी, रचनात्मकता और हस्तनिर्मित उत्पादों की बढ़ती बाजार मांग का प्रमाण माना जा रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम में ओआरएमएएस की उप कार्यकारी अधिकारी भाग्यलक्ष्मी राउत, ओडिशा आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक नवीन कुमार सेनापति, मिशन शक्ति के जिला परियोजना समन्वयक निरंजन पंडा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी ममतामयी बिस्वाल, पीएम लाइवलीहुड की मधुस्मिता भूयां सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
ओआरएमएएस की यह पहल मयूरभंज के स्थानीय हस्तशिल्प को व्यापक बाजार से जोड़ने के साथ-साथ महिला कारीगरों की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ाने में सहायक होगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।