बारीपदा, 21/08: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में मयूरभंज अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष पॉक्सो अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। बादामपहाड़ थाना क्षेत्र के सान हाटणाबेड़ा गांव के इस मामले में अदालत ने 70 वर्षीय आरोपी जगन्नाथ महंत को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बादामपहाड़ थाने में दर्ज केस नंबर 63, दिनांक 01 जुलाई 2022 के आधार पर मामले की सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान पीड़िता के बयान, 22 गवाहों की गवाही और डीएनए जांच रिपोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
पॉक्सो एक्ट की धारा 6 तथा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी को 20 वर्ष की सश्रम कारावास के साथ 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को अतिरिक्त 3 महीने की कारावास की सजा भुगतनी होगी।
इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत 2 वर्ष और धारा 341 के तहत 3 महीने की सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई है।
वहीं, पीड़िता को मुआवजे के तौर पर 6 लाख रुपये प्रदान करने का निर्देश भी अदालत के फैसले में दिया गया है।
इस फैसले को नाबालिगों की सुरक्षा और यौन अपराधों के खिलाफ कानून की सख्त कार्रवाई के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।सरकार की ओर से अधिवक्ता श्री अश्वनी कुमार महांत ने मामले में पैरवी करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीड़िता और उसके परिवार की ओर से न्यायालय तथा अधिवक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।