दुद्धी (सोनभद्र)।(विवेक सिंह) कनहर नहर परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर शनिवार को दुद्धी विकास खंड के महुली पंचायत भवन में जन चौपाल लगाई गई,। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कनहर सिंचाई परियोजना खंड-4 के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान महुली, जोरूखाड़, फुलवार और पोलवा के ग्रामीणों ने नहर की जद में जा रही जमीन का उचित मुआवजा दिलाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
ग्रामीणों ने बताया कि कनहर नहर परियोजना में उनकी जमीन प्रभावित हो रही है, लेकिन कई किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी भूमि से संबंधित समस्याएं रखते हुए कहा कि परियोजना की जद में आने वाली जमीन का नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए।
डूब क्षेत्र में तीन पुस्तों को मुआवजा, नहर प्रभावितों को कब मिलेगा हक
जन चौपाल में ग्रामीणों ने कहा कि कनहर डूब क्षेत्र में तीन पुस्तों को मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई है। वहीं, महुली, जोरूखाड़, फुलवार और पोलवा के कई ग्रामीणों की जमीन नहर परियोजना में जा रही है, लेकिन उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है।
ग्रामीणों ने कहा कि जमीन परियोजना में जाने से उनकी खेती और आजीविका प्रभावित होगी। ऐसे में प्रभावित किसानों को भूमि के बदले उचित मुआवजा मिलना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से भूमि अभिलेखों की जांच कराकर पात्र किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की।
अधिकारियों ने सुनी समस्याएं, दिया कार्रवाई का भरोसा
जन चौपाल में मुख्य अभियंता नीरज कुमार, अधीक्षण अभियंता कुंज बिहारी सिंह, सहायक अभियंता त्रिलोक नाथ झा, अशोक कुमार पांडेय, गुरु प्रसाद, संजय कुमार गुप्ता, सिकंदर शकील, अवर अभियंता आनंद कुमार, मनकेश कुमार, राजेश पटेल, वीरेंद्र कुमार, शिवानंद पाल और अनुज कुमार मौजूद रहे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके मामलों को नियमानुसार देखने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि जांच के बाद जो ग्रामीणों के लिए उचित और नियमसम्मत होगा, उसे उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
सैकड़ों ग्रामीण रहे मौजूद
इस अवसर पर ग्राम प्रधान महुली अरविंद जायसवाल, मंडल अध्यक्ष विंढमगंज वीरेंद्र चौधरी, ग्राम प्रधान फुलवार दिनेश यादव, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रामकुमार यादव, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश कुमार गुप्ता, रामलखन यादव, राजकुमार यादव, मुलायम यादव, अरुण कुमार गुप्ता और सुधीर कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन परियोजना में जा रही जमीन का नियमानुसार उचित मुआवजा उनका अधिकार है। जन चौपाल के बाद अब प्रभावित किसानों को विभागीय कार्रवाई और मुआवजे के समाधान का इंतजार है।