दुद्धी (सोनभद्र)।(विवेक सिंह)तहसीलदार न्यायालय दुद्धी में आरसीसीएमएस पोर्टल पर दर्ज वादों से संबंधित पत्रावलियों के गायब होने के मामले को लेकर अधिवक्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत तहसीलदार/जन सूचना अधिकारी से विभिन्न बिंदुओं पर सूचना मांगी है। आवेदन में पोर्टल पर दर्ज कुल 1344 वादों तथा भौतिक मिलान के दौरान करीब 683 पत्रावलियां गायब पाए जाने से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
सिविल कोर्ट दुद्धी के अधिवक्ता आशीष कुमार जायसवाल द्वारा दिए गए आरटीआई आवेदन में कहा गया है कि तत्कालीन तहसीलदार दुद्धी द्वारा 28 जून 2024 को तत्कालीन पेशकार के स्थानांतरण के समय आरसीसीएमएस पोर्टल पर अंकित कुल 1344 वादों से संबंधित पत्रावलियों का भौतिक रूप से मिलान कराया गया था। आवेदन में दावा किया गया है कि मिलान के दौरान करीब 683 पत्रावलियां गायब हो जाने के संबंध में थाना दुद्धी में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था
आरटीआई के माध्यम से आवेदक ने आरसीसीएमएस पोर्टल पर उस समय अंकित कुल 1344 वादों का वाद संख्या सहित पूरा विवरण मांगा है। इसके साथ ही मिलान के दौरान गायब पाई गई करीब 683 पत्रावलियों का वाद संख्या सहित पूर्ण विवरण तथा गायब पत्रावलियों में से बाद में कौन-कौन सी पत्रावलियां प्राप्त/बरामद हुईं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।
आवेदन में एक विशेष वाद संख्या टी202116660204643, त्रियुगी, सत्यनारायण व अशोक बनाम झुमाली, धारा 34 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006, ग्राम सुखड़ा परगना एवं तहसील दुद्धी से संबंधित पत्रावली की वर्तमान स्थिति भी पूछी गई है। आवेदक ने जानना चाहा है कि उक्त पत्रावली वर्तमान समय में न्यायालय में उपलब्ध है या नहीं। यदि उपलब्ध नहीं है तो उसके संबंध में स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
आवेदन में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित अवधि में सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। अधिवक्ता ने आवेदन में यह भी कहा है कि यदि किसी कारण से सूचना उपलब्ध कराने से इनकार किया जाता है तो सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की संबंधित धारा के तहत अस्वीकृति का कारण स्पष्ट रूप से बताया जाए।
अधिवक्ता आशीष कुमार जायसवाल ने बताया कि त्रियुगी आदि बनाम झुबली अंतर्गत धारा 34 ग्राम सुखड़ा का पत्रावली अभी तक उन्हें नहीं मिला है जिससे पक्षकार का हित प्रभावित हो रहा है और न्याय पाने से वंचित हो रहा है पत्रावली ना मिलने से पक्षकार परेशान है। आगे बताया कि दुद्धी तहसील में आयोजित बीते संपूर्ण समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी वागीश शुक्ला और जिलाधिकारी चर्चित गौड़ को इस संबंध में बारी बारी से अवगत कराया गया था जिस पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा था कि तहसीलदार और उनके टीम को तीन दिन के अंदर पत्रावली खोजने का कार्य दिया है ना मिलने पर संबंधित पर एफआईआर होगी । लेकिन इसके बावजूद आज तक पत्रावली नहीं मिली है ना ही इस संबंध में कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है ।
अब देखना होगा कि तहसील प्रशासन आरटीआई आवेदन पर क्या सूचना प्रदान करता है और गायब बताई जा रही पत्रावलियों का वास्तविक निर्णय क्या होता है।