खिचिंग मां किचकेश्वरी मंदिर और बारीपदा पूर्व राजमहल के पुनरुद्धार को लेकर ज्ञापन
बारीपदा, 24 अगस्त: मयूरभंज जिले के दो प्रमुख ऐतिहासिक एवं पुरातात्त्विक धरोहर स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की गई है। भंजसेना के संस्थापक तथा एमपीसी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष कलिंग केसरी जेना ने इस संबंध में राष्ट्रपति भवन को ई-मेल के माध्यम से एक मांगपत्र भेजा है।भंजसेना के जिला प्रवक्ता ज्योतिरंजन पृष्टि ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मांगपत्र की प्रतियां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, ओडिशा के मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के सचिव तथा मयूरभंज जिलाधिकारी को भी भेजी गई हैं।ज्ञापन में खिचिंग स्थित मयूरभंज की अधिष्ठात्री देवी मां किचकेश्वरी मंदिर के तत्काल संरक्षण, रखरखाव और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की मांग की गई है। लगभग एक हजार वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर के वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया गया है।मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की घोषणा तथा कार्य ओडिशा ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन को सौंपे जाने का उल्लेख करते हुए परियोजना की वास्तविक प्रगति की स्पष्ट स्टेटस रिपोर्ट जारी करने की मांग की गई है। साथ ही डीपीआर, कार्य शुरू होने और पूरा होने की समयसीमा भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।वहीं, बारीपदा स्थित मयूरभंज के पूर्व राजमहल की जर्जर स्थिति पर भी चिंता जताई गई है। वर्तमान में इस ऐतिहासिक भवन का उपयोग एमपीसी जूनियर कॉलेज द्वारा किया जा रहा है। भवन के कई हिस्सों में छत और दीवारों से पानी रिसने, निर्माण के विभिन्न हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने, जलजमाव तथा घास-पौधों के बढ़ जाने से इसकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।मांगपत्र में राजमहल का तत्काल स्ट्रक्चरल सेफ्टी असेसमेंट कराने तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा पूर्व में किए गए सर्वे और तैयार किए गए अनुमान के आधार पर पुनरुद्धार कार्य में तेजी लाने की मांग की गई है। इसके अलावा छत से पानी रिसने, जलजमाव और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत के लिए आपातकालीन कदम उठाने का भी अनुरोध किया गया है।ज्ञापन में कहा गया है कि ऐतिहासिक स्थापत्य एक बार नष्ट हो जाने के बाद उसे मूल स्वरूप में दोबारा तैयार करना बेहद कठिन होता है। इसलिए दोनों धरोहर स्थलों का संरक्षण वैज्ञानिक और उपयुक्त विरासत संरक्षण पद्धति के अनुसार किया जाना चाहिए।कलिंग केसरी जेना ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि मयूरभंज के इतिहास, संस्कृति और राजपरंपरा से जुड़ी इन अमूल्य धरोहरों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देने के साथ स्पष्ट रिपोर्ट भी मांगी जाए।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।