मयूरभंज जिले के बारीपदा से एक गंभीर मामला सामने आया है। मरीजों के इलाज के लिए मंगाई गई लाखों रुपये की दवाइयाँ और चिकित्सा सामग्री नदी किनारे पड़े मिलने के बाद सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि बारीपदा जिला मुख्य अस्पताल के पास बुढ़ाबलंग नदी की शाखा के किनारे बड़ी मात्रा में दवाइयाँ और मेडिकल सामग्री फेंकी गई थी। मामला सामने आने के बाद मेडिकल प्रशासन ने मौके से दवाइयाँ हटवा दी हैं। वहीं, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठ रही है।
बताया जा रहा है कि करीब तीन से चार दिन पहले बारीपदा स्थित जिला मुख्य अस्पताल के पास बुढ़ाबलंग नदी की शाखा के किनारे बड़ी मात्रा में दवाइयाँ और चिकित्सा सामग्री पड़ी हुई दिखाई दी। इनमें विभिन्न प्रकार की दवाइयों के अलावा कोरोना काल के दौरान खरीदी गई वेंटिलेटर किट, महंगी दवाइयाँ, इंजेक्शन, सलाइन की बोतलें और अन्य मेडिकल उपकरण शामिल होने की बात कही जा रही है।
मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय समाजसेवी संजीव राउत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
अब सवाल यह है कि मरीजों के इलाज के लिए खरीदी गई लाखों रुपये की दवाइयाँ आखिर नदी किनारे कैसे पहुंचीं? इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयाँ और चिकित्सा सामग्री अनुपयोगी क्यों हुईं और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल, पूरे मामले को लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। जांच में यदि लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी उठ सकती है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।