ललितपुर। आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि विशदसागर महाराज एवं मुनि शिवसागर महाराज के सानिध्य मे वात्सल्य पर्व रक्षाबन्धन के पूर्व जैन मंदिरों में मुनि उपसर्ग निवारण हेतु संकल्प लेते हुए रक्षा सूत्र बाधे। आज नगर के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में मुनि श्री के सानिध्य में दिनांक 28 अगस्त को प्रातः 7:00 से प्रदीप जैन शास्त्री बाहुबलीनगर के मार्गदर्शन में शुरू होगा।
आज प्रातः काल से ही नगर की जैन मंदिरों में प्रभु अभिषेक शांति धारा के उपरांत श्रावकों ने मुनि उपसर्ग निवारण हेतु संकल्प लेते हुए एक दूसरे को रक्षा सूत्र बाधे और नगर की जैन मंदिरों की
बंदना की।
जैन परंपरा में रक्षाबंधन का संबंध केवल भाई-बहन के प्रेम से नहीं बल्कि धर्म और साधु-संस्कृति की रक्षा से भी जोड़ा जाता है। प्राचीनकाल में हस्तिनापुर में आचार्य अकम्पनाचार्य सहित 700 मुनिराजों के संघ पर घोर उपसर्ग किया गया था। इसी घटना की स्मृति में जैन समाज में रक्षाबंधन के अवसर पर रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा बताई जाती है। इसका भाव केवल किसी व्यक्ति की रक्षा तक सीमित नहीं बल्कि धर्म, साधना, संयम, जीव-दया और धार्मिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प माना जाता है।
इस दौरान जैन पंचायत के अध्यक्ष अक्षय जैन टडै़या, महामंत्री आकाश जैन, मंत्री कैप्टन राजकुमार जैन, सयोंजक सन्त जैन खजुरिया, अटा मंदिर प्रबंधक अजय जैन गंगचारी एवं मनोज जैन बबीना, त्यागीवृत्ति संयोजक अमित जैन सराफ, प्रतीक इमलिया,राकेश जैन रिंकू, सजल जैन जौली, सुमित खजुरिया, दिलीप चोधरी, अनन्त सराफ सहित जैन समाज की सभी श्रेष्ठीगण मौजूद रहे।
मन्दिर प्रबन्धक मनोज जैन बबीना ने बताया कि मुनि संघ के सानिध्य में सम्पन्न होने वाले मुनिउपसर्ग निवारण विधान मे द्रव्य पुण्यार्जक जिनेन्द्र जैन महेन्द्र मयूर परिवार रहेंगे।इस अवसर पर राखी सजाओ प्रतियोगिता भी होगी जिसमें प्रथम तीन विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।