रामजी तिवारी मड़ावरा
जिला ब्यूरो ललितपुर
शनिवार को श्रद्धालुओं ने किया 25 लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण
ललितपुर- श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण व श्रीरूद्रमहायज्ञ आयोजन में शनिवार को श्रद्धालुओं ने 25 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण किया।वहीं प्रातःकालीन बेला में श्रीरूद्रमहायज्ञ का पंचांग पूजन व पीठ पूजन किया गया। पीठ पूजन व पंचांग पूजन पं पवन शास्त्री सहित अन्य वैदिक ब्राह्माणों ने किया ।
अपराह्न में पार्थिव शिवलिंग का महारूद्राभिषेक व पूजन किया गया।पार्थिव शिवलिंग का पूजन व महारूद्राभिषेक प्रधान यजमान हरीशंकर साहू ने किया सहित अन्य सह यजमानों द्धारा किया गया।श्रीरामकथा का पोथी पूजन मुख्य यजमान डाॅ अनूप श्रीवास्तव,डाॅ रानी श्रीवास्तव,विमला कृष्ण बिहारी श्रीवास्तव,ने की।
तत्पश्चात कथा सुनाते हुए चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि महाराज ने कहाकि शिवपुराण,जिसका पूर्वकाल मे भगवान शिव ने ही प्रवचन किया था।यह काल रूपी सर्प से प्राप्त होने वाले महान त्रास का विनाश करने वाला उत्तम साधन है | इस पुराण के प्रणय का उदेश्य है –कलयुग में उत्पन होने वाले मनुष्यो के परम हित का साधन।यह शिव पुराण बहुत ही उतम शास्त्र है।इसे भूतल पर शिव का साक्षात् रूप समझना चाहिए। और सब प्रकार से इसका श्रवण व मनन करना चाहिये । इसका पठन और श्रवण सर्वसाधारणरुप है ।इससे शिव भक्ति पाकर श्रेष्टतम स्थितियों में पहुंचा हुआ मनुष्य शीघ्र ही शिव पद को प्राप्त कर लेता है | इसलिए सम्पूर्ण यत्न करके मनुष्यो को इस पुराण श्रवण करना चाहिए। इसके अध्ययन को अभीष्ट साधन माना है | इसी तरह इसका प्रेम पूर्वक श्रवण भी सम्पूर्ण मनोवांछित फलों को देने वाला है | भगवान शिव के इस पुराण को सुनने से मनुष्य सब पापो से मुक्त हो जाता है तथा इस जीवन में बड़े बड़े उत्कृष्ट भोगो का उपभोग करके अंत में शिव लोक को प्राप्त होता है | मनुष्य को चाहिए की वो भक्ति ज्ञान वैराग्य से संपन्न हो आदर से इसका श्रवण करे | सात संहिताओं से युक्त यह दिव्य शिवपुराण परब्रम्हा परमात्मा के समान विराजमान है और सबसे उत्कृष्ट गति प्रदान करने वाला है | जो निरंतर अनुसन्धान पूर्वक शिव पुराण को बोलता है या नित्य प्रेमपूर्वक इसका पाठ मात्र करता है।वह पुण्यात्मा है — इसमें संशय नहीं है | जो उत्तम बुद्धि वाला पुरुष अंतकाल में भक्तिपूर्वक इस पुराण को सुनता है , उसपर अत्यंत प्रसन्न हुए भगवन महेश्वर उसे अपना पद ( धाम ) प्रदान करते है | जो प्रतिदिन आदरपूर्वक इस शिव पुराण की पूजा करता है वह इस संसार मे संपूर्ण भोगो को भोगकर अन्त मे भगवान शिव के पद को प्राप्त कर लेता है ।जो प्रतिदिन आलस्यरहित हो रेशमी वस्त्र आदि से इस शिव पुराण का सत्कार करता है।वह सदा सुखी रहता है ।यह शिव पुराण निर्मल तथा भगवान का सर्वस्व है ; जो इहलोक और परलोक मे भी सुख चाहता हो।उसे आदर के साथ प्रयत्नपूर्वक इसका सेवन करना चाहिये । यह निर्मल एवं उतम शिव पुराण धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष रुपी चार पुरुषार्थ को देने वाला है।इस दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले,विजय जैन कल्लू,कृपाशंकर व्यास,अनूप मोदी,केशव सुल्लेरे,अश्विनी पुरोहित,राहुल शुक्ला,रामकृपाल गुप्ता,बृजमोहन संज्ञा,बाबा हीरानंद गिरी,लक्ष्मीनारायण साहू,मनीष कुमार दुबे,दीपक यादव,
,आदि उपस्थित रहें।