*बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
निर्देशक, मत्स्य निदेशालय, बिहार, पटना द्वारा जनहित में जारी आवश्यक सूचना/ एडवाइजरी के अनुसार नेपाल की ओर से बाढ़ के पानी के साथ अज्ञात और असामान्य मछलियों के संबंध में सावधानी बरतने की बात कही गई है।
नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ बिहार के कुछ क्षेत्रों में अज्ञात एवं और असामान्य प्रकार की मछलियों के पहुंचने की सूचना प्राप्त हुई है। ऐसी मछलियों के सेवन के बाद कुछ लोगों के बीमार पड़ने की भी सूचना प्राप्त हुई है।
बाढ़ में बहुत सारे तालाबों, नदियों, झीलों एवं जलाशयों से मछलियां निकालकर पानी के साथ-साथ दूर तक फैल जाती हैं जो गंदी नालियों, मृत जानवरों, लाश आदि के लगातार संपर्क में रहने के कारण जीवाणु, विषाणु, फंगस आदि से प्रदूषित हो जाती हैं। इन मछलियों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल है। जब तक वातावरण स्थिर न हो जाए एवं प्राकृतिक रूप से गंदगी एवं रोग फैलने वाले कारक समाप्त न हो जाए, बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का उपयोग नहीं करने की हिदायत दी गई है।
जनहित में आम नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसी अज्ञात अथवा और असामान्य दिखने वाली मछलियों का सेवन नहीं किया जाए। बाढ़ के पानी से पकड़ी गई ऐसी मछलियों को बाजार में खरीदने/बेचने या खाद्य उपयोग में लाने से बचा जाए। बिना पहचान एवं संबंधित विभाग की पुष्टि के किसी भी अपरिचित मछली को खाने योग्य न माना जाए। यदि ऐसी मछली के सेवन के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर, सांस लेने में कठिनाई अथवा अन्य कोई असामान्य लक्षण दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र/ अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए। ऐसी मछलियों की सूचना मिलने पर जिला मत्स्य पदाधिकारी अथवा स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचना दी जाए।
आमजन से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान ना दें और अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अज्ञात मछलियों के सेवन से पूरी तरह बचें।