कवि सम्मेलन में कवियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह आदि देकर किया गया सम्मानित
सोनभद्र। गणेश पूजनोत्सव समिति शाहगंज सोनभद्र के तत्वावधान में विराट कवि सम्मेलन गुरूवार रात में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डा, लोकपति सिंह पटेल रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि दिवाकर दिवेदी मेघ ने किया। वहीं सफल ओजस्वी संचालन, प्रदुम्न कुमार त्रिपाठी एड, निदेशक शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी ने किया। कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान के वाणी वंदना व जय हिंद वंदेमातरम का जो करते सम्मान नही, वे भारत माता के दुश्मन उनका हिंदुस्तान नहीं से कार्यक्रम का आगाज रोमांचक रहा। दयानंद दयालू ने, फाइव जी मोबाइल लिया दा पिया, धर्मेश चौहान ने, देश गीत, अशोक तिवारी ने, रब से बेगाने मजहब के दीवाने निकले तो वहीं प्रदुम्न कुमार त्रिपाठी एड ने, पार्थ के गांडीव की टंकार है कविता, समरसता सदभाव प्यार है कविता सुनाकर पूरी महफ़िल लूट लिया।
हास्य व्यंग्य के कवि सुनिल चऊचक संयोजक ने जेबा कटि गैल थाने में का कंडा कुबरी लाठी से तो दिलीप सिंह दीपक ने, तुम सबकुछ बेच दो लेकिन हिंदुस्तान मत बेचो सुनाकर व्यवस्था पर करारा प्रहार किया सराहे गए। शाइर विवेक चतुर्वेदी ने, तुम मुझको नजर अंदाज कर नहीं सकते सुनाकर कता नज्म गजल से चार चांद लगाये। ओज के कवि प्रभात सिंह चंदेल ने, तुम मेरे मस्तक पर हिंदुस्तान लिख देना सुनाकर देर तक वंदेमातरम का नारा लगवाते रहे। सुशील मिश्रा सोन संगीत फाउंडेशन ने भगवान शंकर व गणेश की सस्वर वंदना से पूरा वातावरण भक्ति मय बना दिया।मुख्य अतिथि डा, लोकपति सिंह पटेल ने, जनहित सदभाव प्यार आम आदमी की पीर के लिए कटिबद्ध रहने की नसीहत दिये तो, वहीं अध्यक्षता करते हुये कवि दिवाकर दिवेदी मेघ ने आदमी को आदमीयत की तमीज का रेखांकन कर हास्य रचना, बरवा कटा के कट कौवा, बीए, पढै लागल बा बेटौवा से आयोजन को पूर्णता दिये लोग देर तक हंसते रहे। सभी कवियों को अंगवस्त्र, माल्यार्पण, लेखनी, पुस्तिका ,स्मृति चिन्ह् देकर अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर आलोक पटवा आयोजक, रिंकू श्रीवास्तव, शीतला प्रसाद वर्मा, विमर्श सिंह पटेल ,धर्मेन्द्र सोनी, ओम प्रकाश सोनी, अनिल पांडेय, अनमोल, समर आदि सैकड़ों श्रोता भोर तक जमे रहे।