कानपुर
नगर निगम टेंडर धांधली मामले में मुख्य अभियंता पर गाज गिरना तय हो गया है। मंडलायुक्त ने सीडीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए नगर विकास विभाग और नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। बिना अभिलेखों के परीक्षण और भौतिक सत्यापन के फर्मों का रजिस्ट्रेशन कर कार्य आवंटित करने का गंभीर आरोप है। उधर, पुलिस कमिश्नर द्वारा गठित एसआईटी ने भ्रष्टाचार की शिकायतों पर शिकंजा कसते हुए नगर निगम के 15 कर्मियों को नोटिस भेजकर तलब किया
सूत्रों के मुताबिक सीडीओ जांच में यह साफ हुआ है कि टेंडर प्रक्रिया में जमकर नियमों की अनदेखी की गई। कई ऐसी फर्मों को ठेके दे दिए गए जिनके न तो पूरे दस्तावेज थे और न ही उनका मौके पर सत्यापन किया गया था।
इस पूरे खेल में मुख्य अभियंता की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। अब मंडलायुक्त की संस्तुति के बाद शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं एसआईटी सभी 15 कर्मियों से पूछताछ कर पूरे नेक्सस का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।
कानपुर ब्यूरो क्राइम – दीपक तिवारी