उत्तर प्रदेश

चंद्रमा के रहस्यों पर शोध करेंगी दुद्धी की जीवंतिका, पेकिंग विश्वविद्यालय में ग्रह विज्ञान विषय से पीएचडी के लिए हुआ चयन

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दुद्धी (सोनभद्र)।दुद्धी की बेटी जीवंतिका कुमारी चंद्रवंशी अब चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों और क्रेटरों के रहस्यों पर शोध करेंगी। चीन के प्रतिष्ठित पेकिंग विश्वविद्यालय बीजिंग में ग्रह विज्ञान विषय से पीएचडी के लिए उनका चयन हुआ है। चीन सरकार ने उन्हें पूर्ण छात्रवृत्ति दी है।

जीवंतिका ने 30 अगस्त की शाम चीन के लिए प्रस्थान किया और 31 अगस्त की सुबह पेकिंग विश्वविद्यालय पहुंचकर पीएचडी में प्रवेश लिया। उनका शोध चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों, वहां स्थित क्रेटरों और रडार डेटा के अध्ययन पर आधारित होगा। चंद्र रिमोट सेंसिंग और ग्रह विज्ञान के क्षेत्र में शोध कर वह अंतरिक्ष अनुसंधान को नई दिशा देने की इच्छुक हैं।
जीवंतिका ने प्रारंभिक शिक्षा दुद्धी के योरर्स इंग्लिश स्कूल से प्राप्त की। कक्षा चार में उन्होंने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने केसरी देवी कनोडिया रेनुकूट कॉन्वेंट स्कूल, जेम्स इंग्लिश स्कूल दुद्धी और डीसी लुईस मेमोरियल स्कूल, मुरधवा रेनुकूट से शिक्षा प्राप्त की।
वर्ष 2021 से 2023 तक उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भू-विज्ञान में बीएससी की। वर्ष 2024-25 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भू-विज्ञान विभाग से एमएससी पूरी की।
एमएससी के दौरान जीवंतिका की रुचि रिमोट सेंसिंग और जीआईएस के जरिये ग्रहों की सतह के अध्ययन में बढ़ी। उन्होंने चंद्रमा के रॉबर्टसन क्रेटर के भू-आकृतिक और खनिजीय अध्ययन पर शोध किया। इस शोध पर आधारित उनका एक शोधपत्र ‘एडवांसेज इन स्पेस रिसर्च’ जर्नल में प्रकाशित हो चुका है। दूसरा शोधपत्र पीयर रिव्यू की प्रक्रिया में है।
उन्होंने गेट-2026 जियोलॉजी एंड जियोफिजिक्स में ऑल इंडिया रैंक 133 हासिल की है। वर्ष 2025 में शोधपत्र प्रकाशित होने के बाद उन्होंने विदेशों में पीएचडी के लिए आवेदन किया था।
जीवंतिका के पिता जीवन राम चंद्रवंशी अधिवक्ता और माता ज्योति देवी गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई जीवांशु कुमार ने एकेटीयू से बीटेक किया है और उनका टीसीएस में कैंपस प्लेसमेंट हुआ है। छोटे भाई जिज्ञांशु कुमार कानपुर के भीमराव आंबेडकर इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक कर रहे हैं।
जीवंतिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने अपने शोध मार्गदर्शक डॉ. अश्वनी राजू और बीएचयू के शिक्षकों के प्रति आभार जताया। उनकी उपलब्धि से दुद्धी क्षेत्र में खुशी है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

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