पन्ना।
जिले के सलेहा जनपद क्षेत्र अंतर्गत कल्दा पठार के बीजादोह गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं और विकास के दावों की जमीनी हकीकत सामने आई है। यहां सड़क और पुल न होने के कारण एक गर्भवती महिला को ले जा रही 108 एंबुलेंस उफनती नदी के रपटे पर घंटों तक फंसी रही।
जानकारी के अनुसार प्रसूता को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी सलेहा मार्ग पर नदी उफान पर होने से एंबुलेंस पार नहीं हो सकी। काफी देर तक पानी कम होने का इंतजार किया गया, लेकिन जलस्तर कम नहीं हुआ। आखिरकार एंबुलेंस को ही प्रसूति गृह बनाना पड़ा और एंबुलेंस स्टाफ की मदद से वहीं सुरक्षित प्रसव कराया गया। एंबुलेंस में ही किलकारी गूंजी।
राहत की बात यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन इस घटना ने शासन-प्रशासन के विकास के दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी कल्दा पठार जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं सड़क, पुल और स्वास्थ्य के लिए तरस रहे हैं। बरसात के दिनों में रपटा पार करना जान जोखिम में डालने जैसा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बीजादोह से सलेहा मार्ग पर जल्द से जल्द पक्के पुल का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी गर्भवती महिला को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
इंडियन टीवी न्यूज़ चैनल संवाददाता मानस अवस्थी की रिपोर्ट पन्ना मध्य प्रदेश