सोनभद्र।रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-39) के फोरलेन निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। झारखंड सीमा पर स्थित विंढमगंज से मध्य प्रदेश सीमा तक करीब 90 किलोमीटर लंबे मार्ग के अलाइनमेंट को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही डीपीआर रिपोर्ट तैयार करने के लिए अनपरा छोर से जमीनी सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।
कार्यदायी संस्था थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर (राजस्थान) को तीन महीने के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी की टीम ने 22 सितंबर से अनपरा की ओर से सर्वे का काम शुरू कर दिया है। सर्वे पूरा होते ही निर्माण की अगली प्रक्रियाएं शुरू होंगी, जिससे अंतरराज्यीय आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।लगभग चार से पांच हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना में अनपरा, रेणुकूट, दुद्धी और विंढमगंज में चार बाईपास बनेंगे। इसके अलावा रिहंद बांध और कनहर नदी समेत तीन बड़े सेतु और 187 से अधिक पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। मध्य प्रदेश और झारखंड के हिस्से में चौड़ीकरण पहले ही पूरा हो चुका है।
सोनभद्र जिले में एनएच-39 की लंबाई करीब 91 किलोमीटर है, जो वर्तमान में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) में चल रहा है। पिछले सर्वेक्षणों में दुद्धी और अनपरा में बाईपास रूट तय किए जाने की बात सामने आई थी, जबकि रेणुकूट-पिपरी क्षेत्र में कई विकल्पों पर विचार किया गया था; अंतिम रूप डीपीआर में तय होगा।
एनएच-39 मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड को जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग है। फोरलेन बनने से रीवा–सोनभद्र–रांची कॉरिडोर पर यात्रा समय कम होगा। कोयला, सीमेंट और अन्य उद्योगों से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। दुद्धी, रेणुकूट, अनपरा जैसे कस्बों में शहरी भीड़ से गुजरने की जरूरत कम होगी, जिससे स्थानीय आवागमन और सुरक्षा में सुधार होगा।