बारीपदा, 29/09/2026: स्थानीय शहीद स्मृति भवन में ‘आमे, बारीपदा’ के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय वार्षिक 9 दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव की 8वीं संध्या में अनुगुल और बेलपहाड़ की नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।संध्या की पहली प्रस्तुति के रूप में नाट्यम, अनुगुल द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘चित्रलिपि’ का मंचन किया गया। सुधांशु मोहन द्विवेदी द्वारा लिखित एवं निर्देशित इस नाटक में उन्होंने एकल अभिनय किया। प्रकाश व्यवस्था में अशोक कुमार कर, संगीत में मानस कुमार परिड़ा तथा मंच संचालन में रवींद्र नाथ साहू ने सहयोग किया।इसके बाद मिरर थिएटर, बेलपहाड़, झारसुगुड़ा द्वारा प्रस्तुत दूसरा नाटक ‘उल्फी’ मंचस्थ किया गया। डॉ. सुभाष चंद्र प्रधान द्वारा लिखित एवं निर्देशित इस नाटक में वर्षारानी धल, संतोष साहू, श्यामसुंदर पांडे, गौरीशंकर कुंभाकर, ममता मैती, सुशांत महाराणा और संयुक्ता साबत ने अभिनय किया। प्रकाश व्यवस्था में जेनामणि सेठ, संगीत निर्देशन में गौरीशंकर कुंभाकर, संगीत संचालन में विनय कुमार प्रधान तथा मंच संचालन में सरस्वती प्रधान ने सहयोग किया।दोनों नाटकों में कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र महांति की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मयूरभंज के अतिरिक्त जिलाधिकारी दुखबंधु नायक, मयूरभंज एथलेटिक एसोसिएशन के महासचिव विजय कुमार दास तथा रोटरी क्लब, बारीपदा के अध्यक्ष तिमिर कुमार घोष प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए नाट्य महोत्सव की सफलता की कामना की।समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए काशीनाथ राणा को ‘मयूरभंज महासम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं अभिनेता अशोक पटनायक और कुंदनलाल भंज को ‘प्रतिभा सम्मान’ प्रदान किया गया।इसके अलावा अभिनेता अनुप कुमार साहा, अभिनेता एवं निर्देशक सुधांशु मोहन द्विवेदी, नाटककार एवं निर्देशक डॉ. सुभाष चंद्र प्रधान तथा प्रख्यात नाटककार पंचानन दास को ‘स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।प्रख्यात अभिनेता एवं निर्देशक तथा आयोजन समिति के सचिव चिन्मय दास पटनायक ने स्वागत भाषण दिया और अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया।मीडिया संयोजक सोमनाथ सिंह ने बताया कि बुधवार को महोत्सव की समापन संध्या में भुवनेश्वर की ‘अजीत’ संस्था द्वारा प्रस्तुत एकमात्र नाटक ‘समकाल’ का मंचन किया जाएगा।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।