पालघर
भिवंडी ग्रामीण न्युज रिपोटर चेतन चातुर्य महाराष्ट्र
ग्रुप ग्राम पंचायत खैरे (तालुका पालघर) के अंतर्गत आने वाले वेहलोली, वांद्रे और खैरे गांवों को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग पिछले दो महीने पहले हुई मूसलाधार बारिश में बड़े पैमाने पर बह गया था, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई है। इसके परिणामस्वरूप, इस क्षेत्र के हजारों नागरिकों और विद्यार्थियों को अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
मुंबई-नासिक राजमार्ग से अंदर की ओर जाने वाला यह रास्ता कई आदिवासी गांवों और पाडों (बस्तियों) को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। हालांकि, सड़क का एक बड़ा हिस्सा ढह जाने के कारण फिलहाल यातायात के लिए केवल आधा ही रास्ता उपलब्ध है। खास बात यह है कि इस बेहद खतरनाक जगह पर प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार के बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं, जिससे यहां किसी बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
वाहन चालकों के लिए मार्ग अत्यंत खतरनाक
सड़क किनारे की मिट्टी बड़े पैमाने पर बह जाने के कारण डामर के नीचे का हिस्सा हवा में लटका हुआ नजर आ रहा है, जिससे यह मार्ग वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक बन गया है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस रास्ते से रोजाना स्कूली छात्र, किसान, महिलाएं, मजदूर और मरीज आना-जाना करते हैं। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस को भी इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है; लेकिन सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
भूमिपुत्र एल्गार संगठन का आक्रामक रुख
इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए भूमिपुत्र एल्गार संगठन के अध्यक्ष प्रमोद पवार ने अपने पदाधिकारियों के साथ घटनास्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान उनके साथ संगठन के महासचिव नवनाथ भोये और अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
ग्रामीणों और संगठन की प्रमुख मांग
संबंधित प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण करे और सड़क मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू करे। इसके अलावा, इस स्थान पर स्थायी सुरक्षा दीवार (कम्पाउंड वॉल), उचित जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता उपाय किए जाएं, ऐसी जोरदार मांग भूमिपुत्र एल्गार संगठन और स्थानीय नागरिकों द्वारा की जा रही है।
“कोई बड़ा हादसा होने से पहले प्रशासन गंभीर होकर जागे और नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए,” ऐसी भावुक और सख्त अपील यहाँ के त्रस्त ग्रामीणों द्वारा की गई है।