मोरड़ा, 3 अक्टूबर: पुलिस विभाग में लंबे 39 वर्ष 4 महीने तक निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ सेवा देने के बाद मयूरभंज जिले के मोरड़ा ब्लॉक अंतर्गत बरकंद गांव निवासी कांस्टेबल धनंजय गिरी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। स्थानीय क्षेत्र में ‘गिरी बाबू’ के नाम से परिचित धनंजय गिरी अपनी निष्ठापूर्ण और ईमानदार कार्यशैली के लिए सहकर्मियों एवं आम लोगों के बीच काफी प्रशंसित रहे।धनंजय गिरी ने 1 मई 1987 को कोरापुट जिले में कांस्टेबल के रूप में पुलिस विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने मयूरभंज जिले के बारीपदा, कप्तिपदा, बैसिंगा, शरत और मोरड़ा थाना सहित चित्रडा पुलिस फांडी, बड़ाामपुर फांडी तथा रासगोविंदपुर थाना में अपनी सेवाएं दीं।अपने सेवाकाल के दौरान उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें विभिन्न अवसरों पर ट्रॉफी और पदक देकर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई, जिसके लिए उन्हें ‘कोविड योद्धा’ के रूप में प्रमाणपत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया था।30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्ति के अवसर पर मयूरभंज के पुलिस अधीक्षक वरुण गुंडुपल्ली ने धनंजय गिरी को उत्तरीय एवं मानपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। एसपी ने उनकी लंबे समय की निष्ठापूर्ण सेवा की सराहना करते हुए सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन सुखमय, शांतिपूर्ण और स्वस्थ रहने की शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर धनंजय गिरी की पत्नी ममता गिरी, पुत्र विकास कुमार गिरी सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, राज्य प्रमुख।