बांगीरिपोशी, 3 अक्टूबर: बुढ़ामरा–चकुलिया क्षेत्र में प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले किसानों और जमीन मालिकों ने उचित एवं न्यायसंगत मुआवजा देने के साथ-साथ मुआवजे की निर्धारित दर को आधिकारिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की है।
जमीन अधिग्रहण के मुद्दे को लेकर क्षेत्र में ग्रामीणों की लगातार बैठकें हो रही हैं। वहीं, सामूहिक रूप से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी की जा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि जमीन अधिग्रहण से पहले प्रत्येक जमीन मालिक को विधिवत नोटिस दिया जाए और उसकी जमीन के लिए निर्धारित मुआवजे की राशि स्पष्ट रूप से बताई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि कई परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है। जमीन अधिग्रहण होने से किसानों और जमीन मालिकों की आजीविका तथा आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए जमीन के बाजार मूल्य, जमीन की प्रकृति और अधिग्रहण से परिवार की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मुआवजा निर्धारित किया जाए।
प्रति डिसमिल कितना मिलेगा मुआवजा?
जमीन मालिकों का सबसे बड़ा सवाल है कि अधिग्रहण की जाने वाली जमीन के लिए प्रति डिसमिल कितनी राशि का मुआवजा दिया जाएगा? ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण जमीन मालिकों में असमंजस और असंतोष बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मुआवजे की निर्धारित दर को तत्काल सार्वजनिक किया जाए और प्रभावित जमीन मालिकों के साथ बैठक कर उनकी बात सुनी जाए।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उचित मुआवजा, पारदर्शिता और जमीन मालिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल जमीन मालिकों की मांगों पर प्रशासन के अगले कदम को लेकर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है। मुआवजे की दर को लेकर प्रशासन कब और किस प्रकार स्थिति स्पष्ट करता है, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा।
मयूरभंज से — हिमांशु शेखर प्रहराज