दुद्धी (सोनभद्र)।शनिवार को दुद्धी तहसील में पहुंचे जिलाधिकारी चर्चित गोड़ को ग्राम पंचायत मल्देवा की प्रधान सीता जायसवाल प्रतिनिधि निरंजन जायसवाल ने प्रार्थना पत्र सौंपकर कैलाश कुंज/लवकुश पार्क के विकास कार्य में हो रही देरी और निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। तहसील दिवस के मौके पर सौंपे गए प्रार्थना पत्र में निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की गई है।
ग्राम प्रधान के अनुसार पर्यटन विभाग द्वारा इस धार्मिक धरोहर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए लगभग 1 करोड़ 91 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। कार्यदायी संस्था द्वारा लगभग चार वर्ष पूर्व निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया था, लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी परियोजना के अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण नहीं हो सके हैं। निर्माण कार्य की अत्यंत धीमी प्रगति और अधूरे कार्यों को लेकर ग्राम पंचायत मल्देवा सहित क्षेत्र के श्रद्धालुओं, ग्रामीणों एवं जनमानस में व्यापक असंतोष व्याप्त है।पूर्व में निर्मित घाटों पर लगाए गए पत्थरों की घिसाई एवं समुचित फिनिशिंग सहित कई आवश्यक कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किए गए हैं। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा छोड़े जाने के कारण श्रद्धालुओं एवं आमजन के आवागमन में असुविधा के साथ साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
प्रार्थना पत्र में निर्माण कार्य के दौरान नदी की मिट्टीयुक्त बालू के प्रयोग का उल्लेख करते हुए इसकी गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है। ग्राम प्रधान ने कहा कि निर्माण में प्रयुक्त बालू एवं अन्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप है अथवा नहीं, इसका परीक्षण सक्षम तकनीकी संस्था से कराया जाना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त जनसहयोग से पूर्व में निर्मित कैलाश कुंज मंदिर परिसर की संरचनाओं पर बाद में कराए गए प्लास्टर तथा उनकी ऊंचाई बढ़ाकर किए गए अतिरिक्त निर्माण कार्यों की भी विशेष तकनीकी जांच की मांग की गई है। पुराने निर्माण के ऊपर किए गए इन अतिरिक्त कार्यों की संरचनात्मक मजबूती, भार-वहन क्षमता, निर्माण गुणवत्ता एवं दीर्घकालिक टिकाऊपन का विशेषज्ञ तकनीकी टीम द्वारा स्थलीय परीक्षण कराया जाना आवश्यक बताया गया है।
ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी चर्चित गोड़ से मांग की कि जांच केवल अभिलेखों तक सीमित न रखी जाए, बल्कि स्वतंत्र उच्चस्तरीय तकनीकी टीम गठित कर मौके पर स्थलीय सत्यापन कराया जाए। स्वीकृत डीपीआर एवं कार्यादेश के अनुरूप कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन, माप पुस्तिका (एम०बी०), भुगतान अभिलेख तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यदि जांच में निर्धारित मानकों के विपरीत कार्य, निर्माण गुणवत्ता में कमी, लापरवाही अथवा किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था एवं जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
श्रीमती सीता जायसवाल ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति विशेष की शिकायत नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत मल्देवा एवं क्षेत्र के श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और जनमानस की सामूहिक चिंता एवं मांग है। कैलाश कुंज/लवकुश पार्क क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि, छठ महापर्व, देव दीपावली सहित अनेक धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन होते हैं तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ग्राम प्रधान ने मांग की कि अधूरे एवं गुणवत्ता की दृष्टि से कम पाए जाने वाले कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराते हुए परियोजना के सभी अवशेष कार्य शीघ्र एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण कराए जाएं, ताकि आगामी धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण धार्मिक धरोहर का समुचित, गुणवत्तापूर्ण एवं दीर्घकालिक पर्यटन विकास सुनिश्चित हो सके।