मंडला में ‘डबल मनी’ ठगी गिरोह का पर्दाफाश: 6 आरोपी गिरफ्तार, 32 लाख नकद समेत ₹66.50 लाख का मशरूका जब्त
Ravi Jhariya
State Reporter (M.P.)
मध्यप्रदेश/मंडला शहर के बहुचर्चित ‘डबल मनी’ फर्जीवाड़े मामले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को कम समय में उनकी जमा पूंजी दोगुनी करने का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराते थे। पुलिस जांच में अब तक लगभग ₹1.75 करोड़ की ठगी से जुड़ी शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹32 लाख नकद सहित कुल ₹66.50 लाख कीमत का मशरूका जब्त किया है।
अंतरराज्यीय ठिकानों पर दबिश, 6 आरोपी हिरासत में
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा के मार्गदर्शन और एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया था। पुलिस टीमों ने आरोपियों की तलाश में नागपुर, गोंदिया, मुंबई और बालाघाट में सुराग जुटाए। इसके बाद गोंदिया, बालाघाट और मंडला में दबिश देकर गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
राजिक कुरैशी (निवासी: बालाघाट)
मोहसिन उर्फ समीम खान (निवासी: मंडला)
रासिद खान (निवासी: मंडला)
साजिद खान (निवासी: मंडला)
अब्दुल समीर शेख (निवासी: गोंदिया)
इमरान शेख (निवासी: गोंदिया)
₹32 लाख नकद और लग्जरी वाहन जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की हैं:
नकद राशि: ₹32,000,000 (32 लाख रुपये)
वाहन: 1 हुंडई अल्काजार (Hyundai Alcazar), 1 मारुति ब्रेजा (Maruti Brezza) और 3 स्कूटी
अन्य: 1 मोबाइल फोन
जब्त किए गए कुल मशरूका की अनुमानित कीमत ₹66.50 लाख बताई गई है।
ठगी की रकम से छुड़ाई गिरवी कार, खरीदे वाहन
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने ठगी के पैसों से संपत्तियां और वाहन खरीदे। इसमें शामिल हुंडई अल्काजार कार गिरवी रखी हुई थी, जिसे आरोपियों ने धोखाधड़ी के पैसों में से ₹11 लाख नकद देकर छुड़ाया था।
मुख्य आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले
जांच के अनुसार, गिरोह के मुख्य आरोपी राजिक कुरैशी के खिलाफ महाराष्ट्र के नागपुर (नंदनवन थाना) में भी धोखाधड़ी का आपराधिक मामला दर्ज है, जिसमें वह वर्तमान में जमानत पर बाहर था।
फिलहाल, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान एवं उनकी टीम गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस निवेशकों की पहचान करने, उनसे हड़पी गई कुल राशि का ब्योरा जुटाने और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के आधार पर मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।