राज्य के सभी जिलों के साथ पूर्वी चंपारण जिला उद्योग केंद्र में ‘एमएसएमई केंद्र’ का हुआ भव्य उद्घाटन
मोतीहारी (पूर्वी चंपारण): राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बिहार के सभी जिलों में ‘एमएसएमई केंद्र’ (MSME Kendra) का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। इसी क्रम में जिला उद्योग केंद्र, पूर्वी चंपारण में भी एमएसएमई केंद्र का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
यह केंद्र जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों के लिए एक ही छत के नीचे (सिंगल विंडो) सभी प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किया गया है।
एमएसएमई केंद्र की मुख्य सेवाएं एवं सुविधाएं
उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration): नए एवं मौजूदा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर त्वरित एवं निःशुल्क उद्यम पंजीकरण की सुविधा।
जेड प्रमाणन (ZED Certification): स्थानीय निर्माण इकाइयों को ‘ज़ीरो डिफ़ेक्ट, ज़ीरो इफ़ेक्ट’ (गुणवत्ता एवं पर्यावरण अनुकूल उत्पादन) प्रमाणन प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन, जिससे सरकारी सब्सिडी और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता का लाभ मिल सके।
बैंक लिंकेज एवं वित्तीय सहायता: PMEGP, PMFME, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना तथा CGTMSE जैसी योजनाओं के तहत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने से लेकर बैंक ऋण स्वीकृति तक की संपूर्ण प्रक्रिया में सहायता।
समग्र एमएसएमई कार्य: एक जिला एक उत्पाद (ODOP), क्लस्टर विकास, जेम (GeM) पोर्टल ऑनबोर्डिंग, निर्यात प्रोत्साहन और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था।
‘एमएसएमई मित्रों’ की नियुक्ति और भूमिका
उद्यमियों को धरातल पर व्यक्तिगत और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए उद्योग विभाग द्वारा प्रशिक्षित ‘एमएसएमई मित्रों’ की तैनाती की गई है।
हैंडहोल्डिंग सपोर्ट: एमएसएमई मित्र नए उद्यमियों, महिला उद्यमियों और स्थानीय कारीगरों को योजना चयन, कागजी कार्रवाई से लेकर ऑनलाइन आवेदन भरने तक पूर्ण मार्गदर्शन देंगे।
सुगम समन्वय: ये प्रतिनिधि वित्तीय संस्थानों (बैंकों), सरकारी विभागों और उद्यमियों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेंगे ताकि प्रक्रियात्मक देरी और रुकावटों को समय पर दूर किया जा सके।
जिले के औद्योगिक विकास में महत्व
पूर्वी चंपारण सहित राज्य के सभी जिलों में इन केंद्रों की स्थापना से नए उद्यमियों के लिए सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण का लाभ प्राप्त करना अत्यंत सरल हो जाएगा। यह पहल जिला स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
रिपोर्ट,अमरजीत सिंह