सहारनपुर
सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में सारंग सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन का 32वां ‘रामायण को जाने’ प्रश्न मंच आयोजित
सहारनपुर, 8 अक्टूबर। जनता रोड स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में सारंग सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन की ओर से 32वें लोकप्रिय ‘रामायण को जाने’ प्रश्न मंच का भव्य एवं ज्ञानवर्धक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रामायण से जुड़े 100 से अधिक प्रश्नों के बेहद तेज और सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा, ज्ञान और संस्कारों से उपस्थित अतिथियों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के प्रबंध निदेशक विवेक मनोचा, आशीष गर्ग, रवि बख्शी, प्रधानाचार्य पूजा त्यागी, वाइस प्रिंसिपल शालिनी अरोड़ा एवं अरुण देशवाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं हनुमान जी के स्वरूप में सजे विद्यार्थियों का फूलमालाओं से स्वागत किया गया।
प्रश्न मंच में विद्यार्थियों को चार दरबारों में विभाजित किया गया। राम दरबार में अभिनंदन, आध्या, आहना और अवनी, दशरथ दरबार में श्री, अर्जुन, आराध्या सैनी और निष्ठा, सुग्रीव दरबार में शताक्षी, आराध्या धीमान, शिखर और शिवन्या तथा लव-कुश दरबार में अद्विका, नंदन, जतिन और अर्पण ने प्रतिभाग किया।
प्रश्न मंच संचालक रवि बख्शी ने विद्यार्थियों से रामायण के विभिन्न प्रसंगों, पात्रों एवं तथ्यों से संबंधित प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने महर्षि वाल्मीकि को रामायण का रचनाकार, माता सुनैना को सीता जी की पालनहार माता, ताड़का का रावण से संबंध, कालनेमि का वध, रामायण के 24 हजार श्लोक, रावण के माता-पिता विश्रवा ऋषि एवं कैकसी, हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज तथा राजा दशरथ के पिता अज सहित अनेक सवालों के उत्तर बेहद तेजी और आत्मविश्वास के साथ दिए।
इस दौरान नगर के युवा व्यापारी नेता कुबेर नरूला ने लक्ष्मण जी के संवाद प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
स्कूल के प्रबंध निदेशक विवेक मनोचा ने कहा कि रामायण हम सभी को जीवन जीने की कला सिखाती है। रामायण का प्रत्येक पात्र हमें कोई न कोई प्रेरणा देता है। आदर्श पिता, आदर्श पुत्र, आदर्श पत्नी, आदर्श मित्र और यहां तक कि विपरीत परिस्थितियों में आचरण कैसा होना चाहिए, इसकी प्रेरणा भी रामायण से मिलती है। उन्होंने बच्चों द्वारा ज्ञान, संस्कार और मर्यादा से जुड़े प्रश्नों के त्वरित उत्तर देने की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को साधुवाद दिया।
कार्यक्रम में सभी प्रतिभागी बच्चों को सम्मान पत्र प्रदान किए गए तथा ‘श्री राम रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य पूजा त्यागी एवं वाइस प्रिंसिपल शालिनी अरोड़ा ने मुख्य अतिथि विवेक मनोचा को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वहीं स्कूल की ओर से कार्यक्रम अध्यक्ष एवं साहित्यकार रमेश चंद छबीला एडवोकेट, अरुण कुमार सूरी एवं रवि बख्शी को अंगवस्त्र पहनाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का स्वागत एवं संचालन युक्ति मेहंदीरत्ता एवं पूजा सेतिया ने किया। आयोजन की व्यवस्थाएं भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। सुंदर वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया। आयोजन की अतिथियों एवं अभिभावकों ने खूब सराहना की।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रामायण केवल पढ़ने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में ज्ञान, संस्कार, मर्यादा और आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देने वाला महान ग्रंथ है। रमेश सैनी आशीष सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़