गुना
जिले में शासकीय वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत आज वन परिक्षेत्र मकसूदनगढ़ के बीट बंजला, कक्ष क्रमांक 757 स्थित लगभग 360 बीघा वन भूमि को अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराया गया अतिक्रमण हटाने के उपरांत उक्त क्षेत्र में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं पुनः वन स्थापना का कार्य किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं वन क्षेत्र का संवर्धन सुनिश्चित हो सके
इसके पूर्व 14 जुलाई 2026 को ग्राम सुंदरपुरा बीट खेरखेड़ा मधुसूदनगढ़ में 120 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था
कलेक्टर किशोर कन्याल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन तथा एसडीएम राघौगढ़ अमित सोनी के नेतृत्व में वन, पुलिस एवं राजस्व विभाग के संयुक्त समन्वय से यह बड़ी कार्यवाही संपादित की गई।
कार्रवाई के दौरान लगभग 100 वनकर्मी, 35 पुलिस बल एवं 15 प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई मौके पर उपवन मंडल अधिकारी इंदर सिंह धाकड़, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कमल सिंह कोली,रेंजर मकसूदनगढ़ धर्मेन्द्र शर्मा, रेंजर सौरभ द्विवेदी, हेमंत भार्गव, दीपांकर सिंह,सचिन गुप्ता, प्रेरणा दुबे, थाना प्रभारी जामनेर मनोज मेहरा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए 18 जेसीबी एवं 2 पॉकलेंन मशीनों का उपयोग किया गया।
कार्यवाही के दौरान कुछ अतिक्रमणकारियों द्वारा गोफन, लाठी एवं डंडों के माध्यम से अभियान में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। किंतु प्रशासन की व्यापक एवं सुनियोजित तैयारी, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा संयुक्त बल की प्रभावी मौजूदगी के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और अतिक्रमणकारी मौके से भाग खड़े हुए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय एवं वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा विधि के शासन की स्थापना हेतु भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर एवं निरंतर कार्यवाही जारी रहेगी।
जिला गुना से गोलू सेन की रिपोर्ट