बारीपदा
मयूरभंज जिले की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर शुक्रवार को भंजसेना की ओर से बारीपदा में एक विशाल रैली निकाली गई। संगठन के संस्थापक कलिंग केशरी जेना के आह्वान पर जिला अध्यक्ष पिंटू माइती के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में हजारों की संख्या में युवा और छात्र शामिल हुए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से भंजसेना की ओर से जिले के विभिन्न ब्लॉकों और उपखंड प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपे जा रहे थे। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को बारीपदा में विशाल रैली आयोजित कर जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार के समक्ष जिले की प्रमुख समस्याओं को उठाया गया।
रैली दोपहर लगभग 12:30 बजे दामोदरपुर के निकट अरुणोदय कॉलेज के सामने से शुरू हुई। संगठन के अनुसार, इसमें एक हजार से अधिक बाइक और 50 से अधिक चारपहिया वाहन शामिल थे। रैली मुरुगाबाड़ी, दारगाडेई, पालबणी, स्टेशन बाजार, केसी सर्कल, मुख्य बाजार, बीजू पटनायक गोलाई और कचहरी के सामने से गुजरते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। वहां मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
शुद्ध पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग
ज्ञापन में मयूरभंज जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने और जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने पर जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की मांग करते हुए बारीपदा स्थित पीआरएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और आपातकालीन सेवाओं के विकास की आवश्यकता बताई गई है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर
शिक्षा के क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर प्राथमिक विद्यालयों, हाईस्कूलों, आदर्श विद्यालयों, एकलव्य विद्यालयों, एसएसडी बालिका विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की गई है।
इसके अलावा शिक्षकों और प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरने, आधुनिक प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया है।
संगठन ने विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने की दर कम करने, बाल श्रम समाप्त करने और बाल विवाह रोकने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की। किशोरियों की उच्च शिक्षा, कौशल विकास और जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संबंधित कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी उठाई गई।
युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने की मांग
भंजसेना का कहना है कि जिले के युवक-युवतियों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर मिलने चाहिए, ताकि उन्हें मजबूरी में दूसरे राज्यों में प्रवासी मजदूर बनकर न जाना पड़े।
संगठन ने राज्य सरकार से जिले की समस्याओं की उच्चस्तरीय समीक्षा कर एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करने की अपील की, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों का स्थायी समाधान किया जा सके।
रैली में कई पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष संजीव राउत, अनुशासन समिति के अध्यक्ष सत्यस्वरूप दाश, उपाध्यक्ष निमाई त्रिपाठी, जिला आदिवासी शाखा अध्यक्ष बाजुन हांसदा, जिला संयोजक राकेश बेहरा, जिला समन्वयक सामंत शेखर पाल, बारीपदा नगर अध्यक्ष राकेश महांती, प्रवक्ता ज्योतिरंजन पृष्टि, जिला युवा शाखा के कार्यकारी अध्यक्ष एमडी राजा और जिला छात्र शाखा अध्यक्ष दीपक बेहरा सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
15 दिन बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भंजसेना के प्रवक्ता ज्योतिरंजन पृष्टि ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यदि जिले की बुनियादी समस्याओं के समाधान में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी 15 दिनों के बाद शुरू होने वाली एक महीने की अवधि के दौरान जिले के सभी ब्लॉक कार्यालयों, नगरपालिका और अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी) कार्यालयों के सामने सामूहिक धरना दिया जाएगा।
भंजसेना की इस विशाल रैली और मांगपत्र के बाद अब जिले के लोगों की निगाहें राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मयूरभंज जिले की बुनियादी समस्याओं के समाधान और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।