कंपनियों के शोषण से मुक्ति और आउटसोर्सिंग सेवा निगम में शामिल करने की मांग, मीटर रीडरों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
फिरोजाबाद। जनपद के मीटर रीडरों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आउटसोर्सिंग सेवा निगम में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। मीटर रीडरों ने ज्ञापन के माध्यम से कंपनियों द्वारा किए जा रहे कथित शोषण से मुक्ति दिलाने और रोजगार का भविष्य सुरक्षित करने की मांग की है।
मीटर रीडरों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से विद्युत विभाग में मीटर रीडिंग एवं बिजली बिलिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते आ रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना घर-घर जाकर विद्युत बिलिंग का कार्य जारी रखा और विभाग की राजस्व व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में योगदान दिया।इसके बावजूद विभिन्न आउटसोर्सिंग कंपनियों के अधीन कार्य करने के कारण उन्हें वेतन में कटौती, समय पर भुगतान न होने और रोजगार की अनिश्चितता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण मीटर रीडरों के सामने बेरोजगारी का संकट भी खड़ा हो गया है।
मीटर रीडरों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों एवं भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से आउटसोर्सिंग सेवा निगम की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन मीटर रीडरों को इसमें शामिल नहीं किया जाना निराशाजनक है।ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई है कि सभी मीटर रीडरों का विवरण संबंधित शासन एवं विभाग को भेजकर उन्हें भी आउटसोर्सिंग सेवा निगम में शामिल कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें कंपनियों के कथित शोषण से मुक्ति मिल सके और वर्षों से दी जा रही सेवाओं का उचित लाभ, सामाजिक सुरक्षा एवं सुरक्षित भविष्य मिल सके।
रिपोर्टर अमित पालीवाल

