प्रेस विज्ञप्ति
गया में एआई आधारित डेयरी परामर्श परियोजना का जिला स्तरीय शुभारंभ,
छोटे डेयरी किसानों को तकनीकी सहायता एवं वैज्ञानिक सलाह से सशक्त बनाने की पहलगया, 14 अक्टूबर 2026: गया जिले के मानपुर में आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित परामर्श सेवाओं के माध्यम से लघु डेयरी किसानों का सशक्तिकरण (“Empowering Smallholder Dairy Farmers Through AI Advisory) विषय पर कार्यशाला का आयोजन कर परियोजना का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का वित्तीय सहयोग गोदरेज एग्रोवेट द्वारा किया जा रहा है, जबकि इसके क्रियान्वयन डिजिटल ग्रीन ट्रस्ट के माध्यम से जीविका के सहयोग से किया जाना है। परियोजना का कार्यान्वयन साझेदार बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) है। यह पहल गया जिले के तीन प्रखंडों बोधगया, वजीरगंज एवं फतेहपुर प्रखंडों में संचालित की जाएगी।
इस कार्यक्रम में जीविका के परियोजना प्रबंधक (पशुधन) श्री सुमित कपूर, जिला परयोजना प्रबंधक गया श्री आचार्य मम्मट, जिला डेयरी विकास पदाधिकारी श्री सचिन्द्र कुमार, जीविका के विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ-साथ डिजिटल ग्रीन ट्रस्ट, पशुपालक किसान तथा बड़ी संख्या में पशु सखियों एवं अन्य सामुदायिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यकम की शुरुआत डिजिटल ग्रीन ट्रस्ट द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन मॉडल एवं एआई आधारित परामर्श प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें बताया गया कि खेती की तरह पशपालन को लेकर जागरूकता है। सही जानकारी नहीं होने से किसान नुकसान उठाते हैं। यह पहल मोबाइल चैट बॉट आधारित एआई इनेबल एप के माध्यम से किसानों विशेषकर छोटे डेयरी किसानों तक समयबद्ध एवं वैज्ञानिक जानकारी हिंदी भाषा में किसनों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी जिससे उन्हें लाभ होगा। इसके माध्यम से शुरुआती 24 हजार किसानों तक पहुंच बनाई जाऐगी।
अपने संबोधन में जिला डेयरी विकास पदाधिकारी श्री सचिन्द्र कुमार ने कहा कि पशुपालन में तकनीक का गायन जरुरी है। कृत्रिम बुद्धिमता आधारित तकनीक आधारित यह पहल डेयरी किसानों की उत्पादकता बढ़ाने तथा डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक होगी।
श्री सुमित कपूर, कार्यक्रम प्रबंधक (पशुधन), जीविका ने परियोजना की कार्ययोजना एवं अपेक्षित परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल पशुपालकों को आधुनिक जानकारी एवं बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बना सकती है किन्तु परिणामों की समीक्षा एवं समय-समय पर सुधर की जरूरत होगी। इसमें कॉम्फेड की महत्पूर्ण भूमिका होगी।
कार्यशाला में कुछ छोटे डेयरी किसानों दीदियों ने अपने पशुपालन के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जीविका दीदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पशुपालन उनके परिवारों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है तथा वैज्ञानिक एवं समय पर मिलने वाली सलाह से उन्हें और अधिक लाभ प्राप्त होगा।
वहीं श्री हेमेन्द्र कुमार, प्रबंध निदेशक, मगध दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड ने डेयरी मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने में ऐसी तकनीकी पहलों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा बिहार में दुग्ध उत्पादन में उत्पादकता का अंतर काफी है। हमें उत्पादकता बढ़ाने एवं एवं पशुपालन को लाभकारी बनाने की दिशा में कार्य करना होगा।
जिला परियोजना प्रबंधक, गया श्री आचार्य मम्मट ने कहा जिस प्रकार से आज हम सुचना प्रौद्योगिकी यंत्रों पर निर्भर है इसके बिना जीना कठिन है। तकनीकी ज्ञान भविष्य की संभावनाओं को बेहतर करने के लिए हमें इसकी जरुरत है। कृत्रिम बुद्धिमता का इस्तेमाल हर क्षेत्र में हो रहा है। पशुपालन में भी इसके उपयोग से किसानों को लाभ होगा। पशुपालन में नवाचार, उत्पादकता वृद्धि तथा ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जीविका के माध्यम से गठित महिला स्वयं सहायता समूहों और पशु सखियों का मजबूत नेटवर्क इस परियोजना की सफलता में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सलाह प्रणाली पशुपालकों को सही समय पर वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगी।
डिजिटल ग्रीन ट्रस्ट के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक श्री ऋतेश तथा वरिष्ठ समन्वयक श्री सुजीत ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर परियोजना की रूपरेखा एवं कार्यान्वयन रणनीति पर विस्तृत जानकारी साझा की। इस अवसर पर बोधगया, वजीरगंज एवं फतेहपुर प्रखंडों के प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ एवं अन्य कर्मियों एवं जीविका जिला कार्यालय से प्रबंधक पशुधन प्रभात कुमार, प्रबंधक संचार दिनेश कुमार, प्रबंधक मूल्यांकन एवं अनुश्रवण राकेश कुमार, प्रबंधक वित्त समोध कुमार, प्रबंधक सूक्षम वित्त ब्रजेश कुमार, प्रबंधक स्वास्थय एवं पोषण कुंदन लाल साह, युवा पेशेवर प्रशन्नजीत सहित अन्य ने भी भाग लिया। डिजिटल ग्रीन ट्रस्ट के अन्य कर्मिंयों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
रिपोर्टर – त्रिलोकी नाथ गयाजी बिहार