कांधला। श्रीरामलीला कमेटी पंजाबी धर्मशाला के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में कलाकारों ने सूर्पणखा की नासिका भंग की लीला का शानदार मंचन किया। मंचन के दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से रूबरू कराया। वहीं खर-दूषण के दरबार में आयोजित रंगारंग कार्यक्रमों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी पहुंचे और देर रात तक धार्मिक प्रसंगों का आनंद लिया।
रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण वन में निवास कर रहे थे। इसी दौरान राक्षसी सूर्पणखा वहां पहुंची और भगवान श्रीराम के रूप-सौंदर्य से प्रभावित होकर उनसे विवाह करने की इच्छा प्रकट की। भगवान श्रीराम ने उसे लक्ष्मण के पास भेज दिया। इसके बाद सूर्पणखा ने लक्ष्मण के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा, लेकिन लक्ष्मण ने भी उसे अस्वीकार कर दिया।
इससे क्रोधित होकर सूर्पणखा माता सीता को नुकसान पहुंचाने के लिए आगे बढ़ी। यह देखकर लक्ष्मण ने सूर्पणखा की नाक काट दी। नासिका भंग की घटना के बाद सूर्पणखा विलाप करती हुई अपने भाई खर-दूषण के पास पहुंची और पूरी घटना बताकर श्रीराम और लक्ष्मण से बदला लेने के लिए उकसाया। इस प्रसंग के मंचन ने दर्शकों को आगे होने वाले युद्ध की घटनाओं के प्रति उत्सुक कर दिया।
इसके बाद खर-दूषण के दरबार का दृश्य प्रस्तुत किया गया। दरबार में कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से वातावरण को जीवंत बना दिया। बीच-बीच में प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों ने दर्शकों को बांधे रखा। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म की रक्षा और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का संदेश दिया गया। आयोजन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ रामलीला का आनंद लिया।