दलित किशोरी का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार करने और राजस्थान में बेचने का है आरोप
सोनभद्र। दलित किशोरी का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार करने व राजस्थान में बेचने के मामले में 7 अक्तूबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की कोर्ट ने मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर लिया। मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल 22 दिसंबर 2024 यानी करीब 21 माह से जेल में निरुद्ध है। कोर्ट ने 26 मार्च 2026 को करीब 6 माह पहले पहली जमानत याचिका खारिज कर दिया था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित एवं वृद्ध व्यक्ति ने पन्नूगंज थाने में 10 दिसंबर 2024 को दी तहरीर में अवगत कराया था कि 28 नवम्बर 2024 को रात 10 बजे उसकी 16 वर्षीय बेटी कहीं चली गई। उसकी खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन कहीं पता नहीं चल रहा है। बेटी अपने साथ मोबाईल ले गई है। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल पुत्र महेंद्र निवासी सिल्थम पटना, थाना रामपुर बरकोनिया, जिला सोनभद्र समेत 6 लोगों का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर 6 आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया। पीड़िता के कथन के अनुसार, मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल टेंट लगाने का काम करता था। एक दिन पीड़िता के गांव में टेंट लगाने के दौरान दोनों का परिचय हुआ और मुख्य आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर दिया। इसके बाद कभी-कभी दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी। आरोप है कि 28 नवम्बर 2024 की रात 10 बजे मुख्य आरोपी ने फोन करके किशोरी को घर से बाहर बुलाया। बाहर आने पर उसे कथित रूप से जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया और उसका मुंह बंद कर दिया गया। आरोप के अनुसार, मुख्य आरोपी का दोस्त गाड़ी चला रहा था और किशोरी को सलखन ले जाया गया, जहां एक रात रुकने के दौरान उसके साथ कथित बलात्कार किया गया। अगले दिन किशोरी को एक महिला के घर ले जाने तथा उसके बाद संदीप और उक्त महिला द्वारा उसे वाराणसी से राजस्थान ले जाकर किशोरी को बेचने का आरोप लगाया गया है।
दूसरी जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल के अधिवक्ता ओमप्रकाश पाल के तर्कों जिसमें मुकदमे की सुनवाई अत्यंत धीमी गति से चलने, अब तक केवल चार गवाहों की गवाही दर्ज किए जाने,आवेदक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं होने, 22 दिसंबर 2024 यानी करीब 21 माह से जेल में निरुद्ध होने के साथ ही उसने आश्वासन दिया है कि वह विचारण में सहयोग करेगा तथा जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। कोर्ट ने जमानत का पर्याप्त आधार पाते हुए मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर लिया।