Jiसोनभद्र। थाना करमा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुद्धि के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने ओडिशा से मिर्जापुर ले जाए जा रहे 118 किलो 670 ग्राम अवैध गांजे के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये, जबकि वाहनों व अन्य सामान सहित कुल बरामदगी की कीमत लगभग 95 लाख रुपये बताई जा रही है।[
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी घोरावल राजेश कुमार राय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
15 अक्टूबर की रात थाना करमा प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल और एसओजी प्रभारी राम स्वरूप वर्मा के नेतृत्व में टीम ग्राम करनवाह जाने वाले तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हिन्दुआरी की ओर से आ रही दो कारें पुलिस को देखकर तिराहे से लगभग 50 मीटर पहले मुड़कर वापस जाने लगीं। संदेह होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर रात करीब 11:15 बजे दोनों वाहनों को रोक लिया।
तलाशी में महिन्द्रा एक्सयूवी-500 के पिछले हिस्से में स्टेपनी के नीचे और मारुति सुजुकी ब्रेजा के पिछले व बीच वाले हिस्से में टेप से लिपटे पैकेटों में गांजा छिपाया गया था। कुल 118 किलो 670 ग्राम गांजा, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 8,280 रुपये नकद बरामद हुए। दोनों वाहनों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 60 के तहत कब्जे में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुंदरगढ़, ओडिशा निवासी विश्वजीत बारिक उर्फ कानू , रविन्द्र नायकऔर मोहम्मद दानिश आलम के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें सुंदरगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने गांजा मिर्जापुर पहुंचाने का काम दिया था। गांजा और वाहनों की व्यवस्था भी उसी की ओर से की गई थी और प्रत्येक आरोपी को 15,000 रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। आरोपियों ने पूर्व में भी गांजा पहुंचाने की बात स्वीकार की है।
थाना करमा में मु.अ.सं. 199/2026, धारा 8/20/27A/29/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस तस्करी में शामिल अन्य लोगों, आपूर्ति के स्रोत और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी है।