- सुखडेहरा पर सियासत, वीरपुर के अजय यादव हत्याकांड पर खामोशी क्यों? न्याय में भेदभाव पर उठे सवाल
भांवरकोल / गाजीपुर। सुखडेहरा में हुई गोलीबारी की घटना ने क्षेत्र को झकझोर दिया है। घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है। इसी बीच भांवरकोल क्षेत्र के वीरपुर निवासी अजय यादव हत्याकांड को लेकर राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार के अनुसार, कुछ महीने पहले 20 वर्षीय अजय यादव उर्फ लंगा की पुरानी रंजिश के चलते बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि अजय अपने डेरा जा रहा था, तभी रास्ते में पहले से मौजूद हमलावरों ने उसे घेरकर लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। अजय परिवार के कृषि और पशुपालन कार्य में हाथ बंटाता था। उसके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इस मामले को लेकर अब सवाल उठ रहा है कि जब सुखडेहरा की घटना पर राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल सक्रिय होकर न्याय की मांग कर रहे हैं, तो अजय यादव के परिवार को न्याय दिलाने के लिए ऐसी ही व्यापक राजनीतिक पहल क्यों नहीं दिखाई दी?
जनता का सवाल है कि क्या न्याय की आवाज भी राजनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर उठेगी? अपराध किसी भी जाति, वर्ग या राजनीतिक विचारधारा से जुड़े व्यक्ति के साथ हो, निष्पक्ष जांच और न्याय हर पीड़ित परिवार का अधिकार है।
सुखडेहरा हो या वीरपुर—दोनों मामलों में न्याय की मांग समान रूप से उठनी चाहिए। राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की विश्वसनीयता इसी में है कि वे हर पीड़ित परिवार के साथ बिना भेदभाव खड़े हों।
पत्रकार हरिओम कुमार बाँठा से