बस किराए में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी से आम नागरिकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है। किराया बढ़ने का असर खासकर रोजाना बस से यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ सकता है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों के लिए अब बस से सफर करना और महंगा हो जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक पढ़ाई, नौकरी, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने वाले लोगों को बढ़े हुए किराए के कारण अपने मासिक खर्च में कटौती करनी पड़ सकती है। वहीं, कम आय वाले परिवारों के लिए रोजाना यात्रा का खर्च बढ़ना आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है।
यात्रियों का कहना है कि बस सार्वजनिक परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में किराए में भारी बढ़ोतरी होने से आम लोगों के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ता है। खासकर उन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है, जिन्हें काम या पढ़ाई के सिलसिले में प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी किराया वृद्धि के प्रभावों पर विचार करेंगे और आम यात्रियों को राहत देने के लिए उचित कदम उठाएंगे। अब देखना होगा कि बढ़े हुए बस किराए को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है और यात्रियों को राहत मिल पाती है या नहीं।