संवाददाता दीपक कुमार –
वाहन दुर्घटना मामले में आपसी सहमति के बाद आवेदन वापस लेने पहुंचे थे दीपक कुमार, सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करने और दोबारा थाने न आने की बात कहने का आरोप
बीजपुर/सोनभद्र। बीजपुर थाना क्षेत्र के नकट्टू गांव निवासी पत्रकार दीपक कुमार ने बीजपुर थाने में तैनात एसआई सुरेंद्र सिंह पर कथित तौर पर गाली-गलौज करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। दीपक कुमार ‘जन-जन की आवाज’ एवं ‘ग्लोबल न्यूज’ से जुड़े हैं। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों के सामने कथित रूप से किए गए इस व्यवहार को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों में नाराजगी की बात सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिन दीपक कुमार की गाड़ी की एक पिकअप वाहन से टक्कर हो गई थी। इस मामले में उन्होंने बीजपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी, जिसके तहत पिकअप वाहन के मालिक द्वारा उनकी गाड़ी की क्षतिपूर्ति कराने पर सहमति जताई गई।
दीपक कुमार का कहना है कि इसी सहमति के आधार पर वह अपना आवेदन वापस लेने के संबंध में कार्रवाई कराने के लिए थाने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान एसआई सुरेंद्र सिंह ने वहां मौजूद लोगों के सामने उनके साथ गाली-गलौज की और कथित तौर पर कहा कि वह दोबारा थाने न आना नहीं तो बंद कर दूंगा । दीपक कुमार के मुताबिक, उन्होंने अधिकारी को बताया कि वह दो समाचार माध्यमों के लिए पत्रकारिता करते हैं, इसके बावजूद उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, सम्मानजनक व्यवहार जरूरी
पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। पत्रकारों का दायित्व जनसमस्याओं को सामने लाना, जनता की आवाज उठाना और सच्चाई को समाज तक पहुंचाना है। लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना जाता है। ऐसे में किसी पत्रकार के साथ, विशेषकर सार्वजनिक स्थान पर लोगों के सामने, कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किए जाने का मामला गंभीर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, पत्रकार हो या आम नागरिक, प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि किसी पुलिसकर्मी के विरुद्ध अभद्रता की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
इस प्रकरण में संबंधित पुलिस अधिकारी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। अब देखना होगा कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराते हैं या नहीं। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
