सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान की घड़ी नजदीक आने के साथ प्रत्याशी एवं शिक्षाविद् डॉ. राहुल राज के समर्थन में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। डॉ. राहुल राज ने अपनी जीत के प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि सारण प्रमंडल के पांचों जिलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं का समर्थन और विभिन्न शिक्षक संगठनों का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने शिक्षकों से किसी भी प्रकार के भय, दबाव या प्रलोभन से मुक्त होकर स्वतंत्र रूप से मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना उनकी कार्यशैली का मूल आधार रहा है। डॉ. राहुल राज ने कहा कि शिक्षक केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा, समस्याओं के समाधान और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व की अपेक्षा रखते हैं। प्रमोशन, सातवें वेतनमान, वित्त रहित शिक्षकों के बकाया भुगतान, सेवा संबंधी समस्याओं तथा संस्कृत विद्यालयों और मदरसों से जुड़े शिक्षकों के अधिकार उनके प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। उन्होंने इन समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई है और आगे भी शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। इस बीच शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दे, लंबित समस्याओं के समाधान की अपेक्षा और प्रभावी प्रतिनिधित्व की मांग चुनावी चर्चा के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं और वर्तमान प्रतिनिधित्व को लेकर शिक्षकों के एक वर्ग में व्याप्त असंतोष ने इस चुनाव को महत्वपूर्ण बना दिया है। उनका लक्ष्य शिक्षकों की आवाज को सड़क से सदन तक मजबूती से पहुँचाना और उनके हक-अधिकारों के लिए प्रभावी ढंग से संघर्ष करना है। पत्रकार वार्ता में डॉ. राहुल राज ने सारण प्रमंडल के पांचों जिलों के प्रधानाध्यापकों, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों, महिला शिक्षकों तथा विभिन्न श्रेणियों के शिक्षा कर्मियों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक शिक्षक का मत महत्वपूर्ण है और अपने प्रतिनिधि का चुनाव करने का निर्णय पूरी तरह मतदाता के विवेक पर निर्भर होना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने अनुभव, समस्याओं और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र निर्णय लें तथा मतदान के दिन मतपत्र पर क्रम संख्या 14 के सामने अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने समर्थकों और शुभचिंतकों से भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा शिक्षक हितों के मुद्दों पर एकजुटता बनाए रखने का आग्रह किया। डॉ. राहुल राज ने विश्वास जताया कि शिक्षकों का स्नेह, समर्थन और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प उन्हें मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक हित सर्वोपरि हैं, उनके सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा और उनके अधिकारों की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।।
