आज चुनाव प्रचार के अंतिम दिन वाराणसी में अखिल भारतीय राष्ट्रीय स्नातक संघ के उम्मीदवार आशीष तिवारी ने कहा की स्नातक क्षेत्र में आने वाले अधिवक्ताओं के मुद्दे, शिक्षकों की मूल भूत सुविधाओं को वर्षों से दरकिनार किया जाता रहा है इनके मुद्दों पर अपेक्षित समाधान कितना हुआ, इसका जवाब स्नातकों को मिलना चाहिए। केवल उपलब्धियों के दावे पर्याप्त नहीं, उनका प्रमाण और धरातलीय परिणाम भी आवश्यक हैं।
- आज स्नातक समाज को तय करना है कि वह राजनीतिक दावों पर विश्वास करेगा या अपने हितों के लिए संघर्ष करने वाले प्रतिनिधियों और संगठनों के कार्यों का मूल्यांकन करेगा।
- स्नातक निर्वाचन में जाति और दल से ऊपर उठकर शिक्षकों की पुरानी पेंशन, सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक मानदेय और शिक्षक हितों को प्राथमिकता दें।जो प्रतिनिधि शिक्षकों की आवाज बनें, उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करें और जवाबदेही निभाएँ, उन्हीं को समर्थन दें।
- याद रखिए,शिक्षक हित भाषणों से नहीं, संघर्ष, प्रतिबद्धता और ठोस परिणामों से सुरक्षित होते हैं। उन्होंने कहा कि वह शिक्षकों अधिवक्ताओं और बेरोजगार स्नातकों के रोजगार और हक के लिए अपनी प्रतिबद्ध हैं।
