मयूरभंज जिले के डुकुरा में पवित्र विजयादशमी एवं दशहरा के अवसर पर भव्य रावण दहन उत्सव का आयोजन किया गया। पिछले दस वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस उत्सव को देखने के लिए डुकुरा बंगला मैदान में हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष पांच हजार से अधिक लोगों ने उत्सव में भाग लिया।
मुख्य आकर्षण रहे समाजसेवी नंदिकेश सेजपड़ा
इस वर्ष के रावण दहन उत्सव में उभरते हुए समाजसेवी तथा लोगों के सुख-दुःख में साथ खड़े रहने वाले नंदिकेश सेजपड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उनकी उपस्थिति को लेकर उत्सव स्थल पर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनसे मिलने और बातचीत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आगे आए। उनके प्रति लोगों का यह उत्साह कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा।
समाजसेवा के माध्यम से आम लोगों से जुड़ने तथा उनके सुख-दुःख में सहभागी बनने की भावना के साथ नंदिकेश सेजपड़ा की उपस्थिति पूरे आयोजन के दौरान चर्चा का विषय बनी रही।
धूमधाम से मनाया गया दशहरा
गेरुआ हिंदू वाहिनी के संस्थापक दिलीप दास, रजत साहू, एसडीसी बुधान मुर्मू तथा दुर्गापूजा कमेटी के अध्यक्ष सरोज कुमार साहू के सहयोग से रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन भव्य तरीके से किया गया।
विजयादशमी के पावन अवसर पर आयोजित इस उत्सव ने अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों के बीच उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
डुकुरा बंगला मैदान में हजारों लोगों की उपस्थिति ने उत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया। रावण दहन उत्सव के माध्यम से लोगों ने धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
अंततः डुकुरा का यह रावण दहन उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।
