सकीट (एटा)। क्षेत्र के गांव इशारा स्थित प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में चल रहे रामलीला मेले में बृहस्पतिवार रात सीता खोज, हनुमान जी के लंका में प्रवेश और लंका दहन की लीलाओं का मंचन किया गया। लंका दहन का दृश्य देखकर श्रद्धालु उत्साहित हो उठे और पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंजने लगा।
रामलीला देखने के लिए देर रात तक दर्शकों की भीड़ जुटी रही। नाजिरपुर, नगला पुनी, भगवंतपुर, कूमरी और करीमपुर समेत आसपास के कई गांवों से महिला, पुरुष और बच्चे कार्यक्रम देखने पहुंचे। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
मेला अध्यक्ष मुनेन्द्र सिंह व्यास और शैलेश चतुर्वेदी चौहान ने बताया कि इशारा गांव में आयोजित होने वाला रामलीला मेला कई दशकों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बना हुआ है। प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
इस अवसर पर राजेश चतुर्वेदी, आरबी दुबे, सुदेश कुमार, शिवनाथ भदौरिया सहित ग्रामवासी और आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
